Tuesday 10th of February 2026

ब्रेकिंग

मुख्यमंत्री धामी ने की कुम्भ मेला-2027 की तैयारियों की समीक्षा

लोहाघाट:स्मृतियों से संवाद कराएगा जीआईसी लोहाघाट का पुरातन छात्र सम्मेलन-शशांक पाण्डेय

लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में आपरेशन थिएटर का निर्माण कार्य शुरू।

चंपावत:अग्निवीर भर्ती रैली की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ने दिए निर्देश

चंपावत:92 फरियादें पहुँचीं जनता मिलन में, जिलाधिकारी के त्वरित निस्तारण के निर्देश

रिपोर्ट :लक्ष्मण बिष्ट : जनपद चम्पावत के अधिकतर पेट्रोल पम्पों पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव सरकारी नियमों की अनदेखी

Laxman Singh Bisht

Thu, Jan 15, 2026

जनपद चम्पावत के अधिकतर पेट्रोल पम्पों पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव सरकारी नियमों की अनदेखीजनपद चम्पावत के कई पेट्रोल पम्पों पर यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को गंभीर असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि अनेक पेट्रोल पम्पों में वाहनों के टायर में हवा भरने की सुविधा या तो पूरी तरह बंद है या उपलब्ध ही नहीं है। इसके साथ ही पीने के लिए साफ़ पानी की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को बाहर से पानी खरीदने या दूर तक भटकने को मजबूर होना पड़ता है। सबसे चिंताजनक स्थिति शौचालयों को लेकर है, जहां कई पम्पों पर यह सुविधा मौजूद नहीं है या इतनी बदहाल है कि उसका उपयोग करना मुश्किल हो जाता है।पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण चम्पावत से होकर गुजरने वाले यात्रियों के लिए पेट्रोल पम्प केवल ईंधन भरवाने का स्थान नहीं बल्कि कुछ देर राहत पाने का अहम ठिकाना होते हैं। ऐसे में इन बुनियादी सुविधाओं का न होना महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और दूर-दराज़ से आने वाले यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। लंबे सफर के दौरान जब वाहन में हवा कम हो जाए या किसी को पानी व शौचालय की ज़रूरत पड़े, तो पेट्रोल पम्पों से ही सबसे अधिक उम्मीद रहती है, लेकिन यहां निराशा ही हाथ लग रही है।स्थानीय शशांक पाण्डेय ने बताया कि सरकार द्वारा पेट्रोल पम्प संचालन को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों की गाइडलाइनों के अनुसार प्रत्येक पेट्रोल पम्प पर निःशुल्क हवा भरने की सुविधा, स्वच्छ पेयजल, महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय तथा प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाएँ अनिवार्य हैं। इन नियमों का मकसद आम जनता की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना है, लेकिन जमीनी हकीकत इन निर्देशों से बिल्कुल उलट नजर आ रही है।स्थानीय नागरिकों ने बताया कि कई बार पम्प संचालकों से इस बारे में शिकायत करने पर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। कुछ स्थानों पर तो सुविधाएँ होने के बावजूद उन्हें जानबूझकर बंद रखा जाता है। इससे यह सवाल उठता है कि आखिर इन पेट्रोल पम्पों की निगरानी करने वाला तंत्र कितना सक्रिय है और क्या नियम केवल कागज़ों तक ही सीमित रह गए हैं।यह मामला सीधे तौर पर उपभोक्ता अधिकारों और प्रशासनिक जिम्मेदारी से जुड़ा हुआ है। जिला प्रशासन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग तथा संबंधित तेल कंपनियों को इस ओर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। पेट्रोल पम्पों का नियमित निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और जनपद चम्पावत में यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भटकना न पड़े। अब जनपद वासियों को ज़िला अधिकारी मनीष कुमार से उम्मीद है कि वह इसका संज्ञान ज़रूर लेंगे।

जरूरी खबरें