रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:केंद्रीय विद्यालय के नए भवन संचालन में बिजली के 11 पोल बने रोड़ा।धनराशि न मिलने से लटका हुआ है काम
Laxman Singh Bisht
Mon, Mar 30, 2026
केंद्रीय विद्यालय के नए भवन संचालन में बिजली के 11 पोल बने रोड़ा।धनराशि न मिलने से लटका हुआ है विद्युत लाइन व विद्युत पोलों को हटाने का काम

क्षेत्रीय जनता की सांसद अजय टम्टा से जल्द से जल्द समस्या का समाधान कर विद्यालय संचालन करने की मांग।

धनराशि न मिलने से लटका हुआ है विद्युत लाइन व विद्युत पोलों को हटाने का काम

चंपावत जिले के लोहाघाट नगर में छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षण सुविधा देने के लिए सरकार के द्वारा करोड़ों रुपए की लागत से लोहाघाट के छमनिया चोड़ में करोड़ों रुपए की लागत से केंद्रीय विद्यालय भवन का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। विद्यालय भवन का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। निर्माण दाई संस्था के प्रतिनिधि आर0 के0 मांगलिक ने बताया एक महीने के भीतर विद्यालय भवन का पूरा निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। तो वहीं लोगों को बड़ी आस थी कि शासन प्रशासन के इसी शिक्षा सत्र से नवनिर्मित भवन में केंद्रीय विद्यालय का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। पर अभी तक केंद्रीय विद्यालय भवन परिसर में मुख्य विद्युत लाइन व उसके 11 पोल रोड़ा बने हुए है।
आर0 के 0मांगलिक ने बताया जब तक विद्यालय परिसर से मुख्य लाइन वह 11 विद्युत पोलों को हटाया नहीं जाएगा तब तक केंद्रीय विद्यालय का नए भवन में संचालन होना काफी मुश्किल है। उन्होंने कहा 32 केवी विद्युत लाइन के तार विद्यालय परिसर में एकदम नीचे झूल रहे हैं। जिस कारण कई जगह निर्माण कार्य व फील्ड निर्माण में मजदूरों के लिए खतरा बने हुए है ।कहा अगर किसी तरह विद्यालय का संचालन भी होता है तो यह झूलते विद्युत तार छात्र छात्राओं के लिए बड़ा खतरा साबित होंगे। उन्होंने कहा कई बार उनके द्वारा शासन प्रशासन तथा विद्युत विभाग से पत्राचार किया गया है तथा मौखिक रूप से भी वार्ता की गई है पर अभी तक खतरा बनी विद्युत लाइन व विद्युत पोलों को हटाने की दिशा में कोई भी प्रगति नहीं हुई है।

उन्होंने बताया विद्यालय भवन व स्टाफ क्वार्टर का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है तथा बाहरी क्षेत्र का कार्य भी एक महीने के भीतर पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने शासन व प्रशासन से जल्द से जल्द विद्युत लाइन तथा विद्युत पोलों को हटाने की मांग की है ताकि विद्यालय भवन को केंद्रीय विद्यालय प्रबंधन को सही समय पर सौंप दिया जाए। जिससे विद्यालय का संचालन शुरू हो। वहीं क्षेत्रीय जनता ने भी शासन प्रशासन व केंद्रीय मंत्री व क्षेत्र के सांसद अजय टम्टा से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान कर विद्यालय के संचालन की मांग की है। मामले में विद्युत विभाग का कहना है इन विद्युत पोल व विद्युत लाइन को शिफ्टिंग करने के लिए 30% धनराशि सांसद या विधायक निधि से मिलती है तथा 35% शासन और 35% विभाग के द्वारा खर्च किया जाता है।

विद्युत विभाग का कहना है जिला अधिकारी के माध्यम से इन विद्युत पोलों को हटाने के लिए सांसद व शासन को पत्राचार किया गया है ।कहा धनराशि मिलते ही विद्युत पोलों को हटा दिया जाएगा। कुल मिलाकर लेट लतीफ के चलते हैं मामला लटका हुआ है अब देखना है सांसद कब तक मामले का संज्ञान लेते हुए सांसद निधि जारी करते हैं। तो वही अभिभावक व छात्र-छात्राएं बड़ी बेसब्री से नए विद्यालय भवन के संचालन की राह देख रहे हैं।

