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रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:एक ऐसी ग्राम सभा जहां रोड तो दूर चलने तक के लिए नहीं है ढंग के रास्ते।

Laxman Singh Bisht

Tue, Jan 20, 2026

एक ऐसी ग्राम सभा जहां रोड तो दूर चलने तक के लिए नहीं है ढंग के रास्ते।

आज भी जान जोखिम में डालकर उबड़ खाबड़ रास्ते में डोलियों में ढोए जा रहे हैं मरीज।आज चंपावत को आदर्श जिला चंपावत का नाम तो दे दिया है और विकास के बड़े-बड़े दावे भी किए जा रहे हैं। चंपावत जिले में दो विधानसभा है जिसमें चंपावत विधानसभा का नेतृत्व प्रदेश के मुखिया पुष्कर धामी करते हैं तो वही लोहाघाट विधानसभा का नेतृत्व कांग्रेसी विधायक खुशाल सिंह अधिकारी के द्वारा किया जाता है। और दोनों ही विधायक अपनी-अपनी विधानसभा क्षेत्र में विकास के बड़े-बड़े दावे करते हैं ।शहर व शहर के नजदीक की ग्राम सभाओ में तो विकास काफी तेज गति से चल रहा है पर दूरस्थ क्षेत्र के गांवो की हालत खस्ता हाल बनी हुई है। मामला है लोहाघाट विधानसभा के सीमांत बिबील ग्राम सभा का। जहां नरसों से डड़ोरा जाने के लिए सड़क तो दूर की बात है चलने के लिए ढंग के पैदल रास्ते तक ग्रामीणों को नसीब नहीं है। आज भी ग्रामीण उबड़ खाबड़ पैदल रास्ते में जान खतरे में डालकर मरीजो व गर्भवती महिलाओं को डोलियों में ढोने को मजबूर है। ग्राम सभा के युवाओं के द्वारा एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल किया गया है जिसमें युवा एक बुजुर्गों को डोलियों के सहारे खतरनाक पथरीले रास्ते से गांव की ओर ले जाते हुए नजर आ रहे हैं। युवाओं ने रास्ते की ऐसी बदहाल स्थिति पर गहरी नाराजगी जताते हुए ग्राम प्रधान क्षेत्र, पंचायत सदस्य को जिम्मेदार बताते हुए शासन प्रशासन से उनके गांव के लिए पैदल मार्ग निर्माण की मांग की है। युवाओं ने कहा सड़क तो दूर की बात है उनके गांव के पैदल रास्ते को ही ठीक कर दिया जाए। कहा कोई भी जनप्रतिनिधि व अधिकारी ग्रामीणों की सुध लेने तक नहीं आता है। कहां विकास के दावे धरातल पर नहीं सिर्फ कागजों पर है नेता सिर्फ चुनाव के समय उनके गांव पहुंचते हैं। युवाओं ने कहा शासन प्रशासन ग्रामीणों की सुध ले उनके लिए पैदल मार्ग व सड़क का निर्माण कार्य करें जो कि उनका मौलिक अधिकार है।

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