रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:मांगों को लेकर सड़कों में गरजे असम राइफल्स के जवान। डीजी पर लगाए कई गंभीर आरोप।
Laxman Singh Bisht
Fri, Jan 16, 2026
मांगों को लेकर सड़कों में गरजे असम राइफल्स के जवान। डीजी पर लगाए कई गंभीर आरोप।
असम राइफल्स भारतीय सेना का हिस्सा है पुलिस नहीं: चौबे
लोहाघाट।अपनी मांगों को लेकर आज लोहाघाट नगर में असम राइफल्स के पूर्व सैनिकों व अधिकारियों ने असम राइफल्स एक्स सर्विसमैन वेलफेयर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष गंगा दत्त चौबे के नेतृत्व में लोहाघाट के वीर कालू सिंह चौराहे से लेकर एसडीएम कार्यालय लोहाघाट तक आक्रोश रैली निकाली तथा एसडीएम लोहाघाट के माध्यम से मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। इस दौरान असम राइफल्स के पूर्व सैनिकों के द्वारा जोरदार नारेबाजी की गई। संगठन अध्यक्ष गंगादत्त चौबे तथा उपाध्यक्ष जगदीश चतुर्वेदी तथा आक्रोश रैली में शामिल सभी असम राइफल्स के जवानों ने कहा वह अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे है।
पर असम राइफल्स के डीजी के द्वारा उनका शोषण किया जा रहा है। कहा असम राइफल्स के द्वारा भारतीय सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कई युद्ध लड़े हैं तथा असम राइफल्स के कई जवानों ने अपनी शहादत दी है यहां तक की श्रीलंका में लिट्टे के खिलाफ भी असम राइफल्स ने अपनी बहादुरी व जाबाजी का परिचय देते हुए इतिहास रचा है।पर उसके बावजूद भी उन्हें भारतीय सेना का हिस्सा नहीं माना जाता है। उन्होंने कहा असम राइफल्स भारतीय सेना का हिस्सा है पुलिस नहीं। असम राइफल्स में सभी अधिकारी वर्ग भारतीय सेना के है। उन्होंने कहा असम राइफल्स से काम भारतीय सेना का लिया जा रहा है और तनख्वाह पुलिस की दी जा रही है।
चौबे व चतुर्वेदी ने कहा उनकी प्रमुख मांगे समान काम के लिए समान वेतन मिले ,असम राइफल्स पुलिस नहीं है असम राइफल्स भारतीय सेना के साथ मिलिट्री का किरदार निभाती है, एआरईएसएम के जरिए अरेवा को दबाने की कोशिश की जा रही है जिसे बंद किया जाए, अरेवा एक लीगल संगठन है। एआर का दोहरा कंट्रोल खत्म किया जाय। असम राइफल्स के साथ भेदभाव ना किया जाए उन्होंने कहा असम राइफल्स का एक गौरवशाली इतिहास रहा है। असम राइफल्स के जवानों ने गृहमंत्री अमित शाह से उनकी मांगों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए उनकी मांगो को पूरी करने की मांग की है। असम राइफल्स के पूर्व सैनिकों ने डीजी असम राइफल्स पर उनका उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है उन्होंने कहा आज पूरे देश में असम राइफल्स के पूर्व सैनिकों के द्वारा आक्रोश रैली निकाली जा रही है। उन्होंने यह भी कहा असम राइफल्स के दो महत्वपूर्ण पदों को भी खत्म कर दिया गया है।
जिला अध्यक्ष चौबे व चतुर्वेदी ने कहा जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं की जाती है संघर्ष जारी रहेगा कहा अगर असम राइफल्स को पुलिस माना जा रहा है तो उनसे सेना का काम ना लिया जाए पुलिस का ही कार्य करवाया जाए। आक्रोश रैली में सूबेदार विक्रम सिंह ,हवलदार दीवान सिंह, जानकी देवी, गीता देवी ,तेज सिंह महर ,दयाल नाथ गोस्वामी ,कल्याण सिंह, कुंवर सिंह ,नवीन चंद्र, हवलदार पूरन सिंह ,जगदीश फर्त्याल, भुवन सिंह, गिरीश चंद्र ,तुलाराम, राम सिंह ,सुरेश चंद्र, पूरन चंद्र, त्रिलोक सिंह सामंत ,रमेश चंद्र, मथुरा दत्त, प्रीतम राम ,गंगा सिंह, नारायण जोशी, गणेश सिंह ,नेत्र बल्लभ ,रघुवर चौहान, नवीन चंद्र ,मोहन चंद्र शर्मा ,भास्कर जोशी ,शंकर सामंत, दीवान सार्की , तेज सिंह महर सहित कई पूर्व सैनिक मौजूद रहे।