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रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:भगवती मंदिर मडलक में दशहरा पर नहीं चढ़ाई गई पशु बली नारियल काटकर परंपरा का किया गया निर्वहन। भक्तों का सैलाब

Laxman Singh Bisht

Thu, Oct 2, 2025

.भगवती मंदिर मडलक में दशहरा पर नहीं चढ़ाई गई पशु बली नारियल काटकर परंपरा का किया गया निर्वहन।

सैकड़ो भक्तों ने मां भगवती का लिया आशीर्वाद। धूमधाम से मनाया गया दशहरा।आज पूरे देश में बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक दशहरा पर्व को काफी धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। लोहाघाट क्षेत्र में भी दशहरा को काफी धूमधाम से मनाया गया। चंपावत जिले के लोहाघाट के सीमांत क्षेत्र मडलक के प्रसिद्ध भगवती मंदिर में दशहरा पर्व पर आज सुबह से ही भक्तों का ताता लगा रहा। दूर दूर क्षेत्र से सैकड़ो भक्त मां के दर्शनों को पहुंचे हुए थे। परंपरा के अनुसार दशहरा पर्व पर मां भगवती के मंदिर में भक्तों के द्वारा भैंसे की बलि चढ़ाई जाती है पर इस बार बली नहीं चढ़ाई गई सिर्फ नारियल काटकर परंपरा का निर्वहन कर मां का आशीर्वाद लिया गया।। मंदिर कमेटी अध्यक्ष पवन जोशी व पंडित प्रवीन पांडे ने बताया प्राचीन काल से ही सीमांत के गांवो की प्रतिवर्ष पाली लगी रहती है अपनी पाली के हिसाब से गांव के ग्रामीण मां की पूजन सामग्री व बलि के लिए भैंसे को लेकर भगवती मंदिर मडलक पहुंचते हैं पर इस बार मां भगवती मंदिर में पशु बली नहीं दी गई सिर्फ नारियल काटकर परंपरा का निर्वहन करते हुए मां का आशीर्वाद लिया गया। कहा मंदिर में बलि प्रथा पर पूर्ण तया रोक लगा दी गई है परंपरा के निर्वहन के पूर्ण विधि विधान के साथ नारियल की बलि चढ़ाई जाएगी।उन्होंने बताया इस बार लेटी डूंगरा व गुरेली बुगा की पाली आई हुई थी। ढोल नगाड़ों के साथ देव डांगर व सैकड़ो भक्त भगवती मंदिर पहुंचे और देव डांगरो के द्वारा भक्तों को आशीर्वाद दिया। इस दौरान भक्तों ने मां भगवती का आशीर्वाद लिया। मंदिर में पूर्ण विधि विधान के साथ पूजा अर्चना संपन्न की गई। वही ग्रामीण 20 दिन के बाद होने वाले बग्वाली मेले तैयारी में जुट गए हैं। मालूम हो सीमांत क्षेत्र में दशहरा को काफी धूमधाम के साथ मनाया जाता है।

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