रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : लोहाघाट वासियों को जल्द नहीं मिलेगी पेयजल समस्या से निजात पांच वर्ष लग सकते हैं सरयू लिफ्ट को ।प्रथम चरण में डीपीआर
Laxman Singh Bisht
Sat, May 3, 2025
लोहाघाट वासियों को जल्द नहीं मिलेगी पेयजल समस्या से निजात पांच वर्ष लग सकते हैं सरयू लिफ्ट को प्रथम चरण में डीपीआर
लोहाघाट नगर के लोगों को पेयजल समस्या से निजात मिलती नजर नहीं आ रही है। जल निगम के अधिशासी अभियंता बी के पाल ने जानकारी देते हुए बताया योजना की डीपीआर दो बार तकनीकी खामी के चलते रिजेक्ट हो चुकी है ।तीसरी बार डीपीआर बनाकर डिवीजन कार्यालय हल्द्वानी भेजी गई है । डीपीआर पास होने पर जल निगम मुख्यालय देहरादून जाएगी। बीके पाल ने बताया अगर सब कुछ ठीक रहा और योजना को मंजूरी मिलती है तो फिर भी कम से कम सरयू लिफ्ट पेयजल योजना के निर्माण में 5 वर्ष का समय लग सकता है ।अभी डीपीआर प्रथम चरण में है योजना को काफी लंबा सफर तय करना है ।बीके पॉल के मुताबिक योजना धरातल में उतरती है तो योजना से लोहाघाट नगर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों को भी जोड़ा जाएगा। कुल मिलाकर जब तक सरयू लिफ्ट पेयजल योजना धरातल में नहीं उतरती है लोहाघाट की जनता को पेयजल समस्या का सामना करना ही पड़ेगा या अन्य कोई वैकल्पिक व्यवस्था ढूंढनी पड़ेगी। मालूम हो पानी लोहाघाट की सबसे बड़ी समस्या बन चुका है जिससे हर कोई परेशान है ।जहां सरयू लिफ्ट योजना निर्माण के लिए लोहाघाट विकास संघर्ष समिति आंदोलन कर सरकार पर योजना निर्माण के लिए दबाव बना रही है। तो वही योजना भाजपा नेताओं की नाक का सवाल बन चुकी है ।क्योंकि योजना निर्माण के लिए मुख्यमंत्री धामी के द्वारा घोषणा की जा चुकी है। भाजपा नेताओं का कहना है मामले में जल्द मुख्यमंत्री से मुलाकात कर योजना निर्माण की मांग की जाएगी। फिलहाल लोहाघाट नगर की जनता को दूर-दूर तक राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। सरयू 2027 चुनाव का बड़ा मुद्दा बन सकती है। अब यह आने वाला वक्त ही बताया सरयू का पानी लोहाघाट पहुंचता है या लोहाघाट वासियों को बूंद बूंद पानी के लिए तरसना पड़ता है। आने वाले वक्त में पेयजल समस्या और भी ज्यादा विकराल रूप लेगी। वहीं लोगों का कहना है योजना को धरातल में लाने के लिए भाजपा नेताओं को अपनी सरकार पर दबाव बनाना पड़ेगा तभी योजना धरातल में जल्द उतर सकती है। फिलहाल दिल्ली अभी दूर है।