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टनकपुर में कैलाश मानसरोवर यात्रा के दूसरे जत्थे का पारंपरिक और भव्य स्वागत, 11 राज्यों के 47 श्रद्धालु शामिल

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रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : टनकपुर में कैलाश मानसरोवर यात्रा के दूसरे जत्थे का पारंपरिक और भव्य स्वागत, 11 राज्यों के 47 श्रद्धालु शामिल

Laxman Singh Bisht

Wed, Jul 8, 2026

टनकपुर में कैलाश मानसरोवर यात्रा के दूसरे जत्थे का पारंपरिक और भव्य स्वागत, 11 राज्यों के 47 श्रद्धालु शामिल

पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के दूसरे जत्थे का बुधवार को चंपावत जिले के टनकपुर पहुंचने पर परंपरागत उत्तराखंडी अंदाज में भव्य स्वागत किया गया। इस दल में देश के ग्यारह अलग-अलग राज्यों से कुल 47 श्रद्धालु शामिल हैं, जिनमें 34 पुरुष और 13 महिलाएं हैं। जिला प्रशासन और कुमाऊं मंडल विकास निगम के अधिकारियों द्वारा यात्रियों का अत्यंत उत्साहपूर्वक अभिनंदन किया गया। इस दौरान स्थानीय रीति-रिवाजों और आतिथ्य सत्कार को देखकर श्रद्धालुओं के चेहरों पर पवित्र यात्रा की शुरुआत को लेकर गहरा उत्साह और अटूट श्रद्धा साफ झलक रही थी।कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) द्वारा टनकपुर में यात्रियों के ठहराव, भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण, स्वागत व्यवस्था और यात्रा मार्गदर्शन के समुचित प्रबंध किए गए हैं। निगम के अधिकारियों ने इस अवसर पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और यादगार यात्रा अनुभव प्रदान करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए मार्ग में हर आवश्यक सुविधा सुनिश्चित की गई है। टनकपुर में रात्रि विश्राम करने के बाद यह जत्था अपनी आगे की यात्रा के लिए प्रस्थान करेगा। यह मार्ग मंच, गुंजी और नाभीढांग से होते हुए लिपुलेख दर्रे के माध्यम से पवित्र कैलाश मानसरोवर तक जाएगा।

इस वर्ष यात्रा के इस दूसरे जत्थे में विविधता की अनूठी झलक देखने को मिल रही है, जिसमें राजस्थान से आठ, गुजरात से दस, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से पांच-पांच, महाराष्ट्र से छह, मध्य प्रदेश से चार, हरियाणा से तीन, आंध्र प्रदेश और उत्तराखंड से दो-दो, तथा कर्नाटक और तेलंगाना से एक-एक श्रद्धालु शामिल हैं। राज्य सरकार पूरे यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सहायता, वाहन सुविधा, ठहराव और पोर्टर सेवा जैसी तमाम व्यवस्थाएं प्रदान करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। यात्रा के सफल संचालन में कुमाऊं मंडल विकास निगम के साथ-साथ आईटीबीपी, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय जिला प्रशासन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।इस कार्यक्रम के दौरान प्रशासन, कुमाऊं मंडल विकास निगम एवं पर्यटन विभाग के अधिकारियों सहित कई स्थानीय लोग और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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