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लोहाघाट:वैली क्रिएशन की महिलाएं फूलों व सब्जियों से तैयार कर रही है होली के प्राकृतिक रंग।

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रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:वैली क्रिएशन की महिलाएं फूलों व सब्जियों से तैयार कर रही है होली के प्राकृतिक रंग।

Laxman Singh Bisht

Tue, Feb 10, 2026

वैली क्रिएशन की महिलाएं फूलों व सब्जियों से तैयार कर रही है होली के प्राकृतिक रंग।

बिना किसी राजकीय सहायता के महिलाओं के हौसले बुलंद रोजगार के साथ साथ स्वास्थ्य।आगामी होली पर्व को देखते हुए लोहाघाट में महिलाओं की सस्था वैली क्रिएशन के द्वारा अध्यक्ष नेहा मुरारी के नेतृत्व में फ़लो, सब्जियों व फूलों से होली के प्राकृतिक रंग तैयार किए जा रहे हैं। यह कार्य महिलाओं के लिए रोजगार का सशक्त माध्यम बना हुआहै। सस्था अध्यक्ष नेहा मुरारी ने कहा उनकी संस्था वैली क्रिएशन से शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिक रूप से कमजोर 100 से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा उनका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर अपने पैरों पर खड़ा करना है।नेहा मुरारी ने बताया वर्तमान में आगामी होली पर्व को देखते हुए संस्था की महिलाओं के द्वारा हल्दी, नीम के पत्ते ,चुकंदर , बुरास के फूल, पालक व मेरी गोल्ड के फूलों से होली के प्राकृतिक रंग बनाए जा रहे हैं। जिसके लिए महिलाओं को विशेष तौर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नेहा ने बताया इन रंगों की बिक्री ऑनलाइन माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों व नगरों में की जाएगी तथा नगर में स्टाल लगाकर भी यह प्राकृतिक रंग बेचे जाएंगे। उन्होंने बताया यह रंग पूर्णतया प्राकृतिक है जिनसे त्वचा को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है ।उन्होंने बताया पिछले वर्ष भी उनके द्वारा काफी मात्रा में प्राकृतिक रंग बनाए गए थे जिन्हें लोगों के द्वारा काफी पसंद किया गया ।कहा इस बार भी बड़ी मात्रा में होली के प्राकृतिक रंग प्राकृतिक स्रोतों से बनाए जा रहे हैं जिसमें क्षेत्र की महिलाएं लगी हुई है। इस कार्य से महिलाओं को अच्छा रोजगार प्राप्त हो रहा है ।उन्होंने बताया इसके अलावा सस्था हाथ से बुनी गई बनियाने, एपन कला से बने विभिन्न उत्पाद, राखिया व अन्य उत्पाद तैयार करती है। वहीं उन्होंने कहा सरकार के द्वारा सशक्त बहन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक आधार पर मजबूत बनाने के लिए बेहतर कार्य किया जा रहे हैं तथा एपन कला को भी काफी बढ़ावा दिया जा रहा है। कहा फिलहाल उनकी सस्था को किसी योजना का लाभ या सरकारी सहायता नहीं मिल पा रही है। लेकिन उन्हें उम्मीद है भविष्य में उनकी संस्था वैली क्रिएशन को भी सरकारी सहायता जरूर मिलेगी।वही महिलाओं ने कहा अध्यक्ष नेहा मुरारी के सहयोग से उन्हें घर पर ही अच्छा रोजगार मिल रहा है। जिसके लिए वह नेहा मुरारी को धन्यवाद देती है। प्राकृतिक रंग तैयार करने में गंगा देवी ,सुनीता कुमारी, निर्मला देवी ,शोभा देवी ,लक्ष्मी देवी ,मीनाक्षी बिष्ट, धना देवी ,तनुजा बोहरा ,हेमा शर्मा, अनीता बिष्ट ,गीता बोरा ,भागीरथी देवी सहित कई महिलाएं शामिल है।

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