Thursday 25th of June 2026

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कुमाऊँ का डिजिटल बाज़ार: अब नौकरी, सेवाएँ, खरीद-बिक्री और मैट्रिमोनियल सब कुछ एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर

उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं की बढ़ती जरूरत को देखते हुए KumaonBazaar.com तेजी से लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। यह एक ऐसा लोकल डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है जहाँ नौकरी, बिज़नेस प्रमोशन, लोकल सेवाएँ, खरीद-बिक्री, पर्यटन और मैट्रिमोनियल जैसी कई सुविधाएँ एक ही जगह उपलब्ध हैं। Website: https://www.kumaonbazaar.com

आज के समय में लोग लोकल स्तर पर भरोसेमंद सेवाएँ और अवसर ढूँढना चाहते हैं। इसी जरूरत को समझते हुए KumaonBazaar.com ने कुमाऊँ के लोगों के लिए एक आसान और उपयोगी ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म तैयार किया है।

युवाओं के लिए रोजगार का नया माध्यम

कुमाऊँ क्षेत्र के युवाओं को अक्सर नौकरी खोजने के लिए बड़े शहरों या कई अलग-अलग वेबसाइट्स पर निर्भर रहना पड़ता है। अब यह समस्या काफी हद तक कम हो सकती है क्योंकि KumaonBazaar Jobs Section पर लोकल और विभिन्न क्षेत्रों की जॉब्स उपलब्ध कराई जा रही हैं। Jobs Link: https://www.kumaonbazaar.com/jobs

यहाँ कंपनियाँ और बिज़नेस अपने जॉब पोस्ट कर सकते हैं, जबकि नौकरी तलाश रहे उम्मीदवार आसानी से आवेदन कर सकते हैं। इससे लोकल टैलेंट को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।

मैट्रिमोनियल सेवा से आसान रिश्ते

आजकल लोग सुरक्षित और भरोसेमंद मैट्रिमोनियल प्लेटफ़ॉर्म की तलाश में रहते हैं। KumaonBazaar Matrimony कुमाऊँ समाज के लोगों के लिए एक विशेष सुविधा लेकर आया है जहाँ परिवार अपनी प्रोफाइल बनाकर रिश्तों की तलाश कर सकते हैं। Matrimony Link: https://www.kumaonbazaar.com/matrimony

यह सेवा खासतौर पर उन परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है जो अपने समाज और क्षेत्र में अच्छे रिश्ते ढूँढना चाहते हैं।

लोकल सेवाओं और बिज़नेस को मिलेगा डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म कुमाऊँ के छोटे व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं के लिए KumaonBazaar Services एक बेहतरीन अवसर बनकर उभर रहा है। Services Link: https://www.kumaonbazaar.com/services

यहाँ इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, टूर सर्विस, एजेंसी, फ्रीलांसर, दुकानदार और अन्य सेवा प्रदाता अपनी सेवाओं को ऑनलाइन प्रमोट कर सकते हैं। इससे लोकल बिज़नेस को डिजिटल पहचान मिलने के साथ-साथ ग्राहकों तक पहुँचने में आसानी होगी। खरीद-बिक्री और लोकल विज्ञापन की सुविधा प्लेटफ़ॉर्म पर Buy & Sell सेक्शन भी उपलब्ध है जहाँ लोग अपने प्रोडक्ट्स या सामान को ऑनलाइन पोस्ट कर सकते हैं। इसके अलावा बिज़नेस प्रमोशन और लोकल विज्ञापनों के लिए भी सुविधा दी जा रही है, जिससे छोटे व्यवसाय कम लागत में अपनी पहुँच बढ़ा सकते हैं। पर्यटन और लोकल जानकारी का भी केंद्र कुमाऊँ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। KumaonBazaar.com पर पर्यटन से जुड़ी जानकारी, होटल, ट्रैवल सेवाएँ और लोकल बिज़नेस की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों को लाभ मिल सकता है। डिजिटल उत्तराखंड की ओर एक कदम डिजिटल इंडिया के दौर में लोकल प्लेटफ़ॉर्म की भूमिका लगातार बढ़ रही है। KumaonBazaar.com कुमाऊँ क्षेत्र के लोगों, युवाओं और व्यापारियों को डिजिटल रूप से जोड़ने का काम कर रहा है। यह प्लेटफ़ॉर्म आने वाले समय में रोजगार, व्यापार और लोकल नेटवर्किंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

: लोहाघाट:लोहावती नदी को बचाने के लिए 15 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक लोहावती के उद्गम स्थल से लोहावती नदी के अंतिम छोर तक निकाली जाएगी पदयात्रा पद्मश्री डॉ शेखर पाठक पदयात्रा में रहेंगे शामिल

Laxman Singh Bisht

Sun, May 26, 2024
लोहावती नदी को बचाने के लिए 15 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक लोहावती के उद्गम स्थल से लोहावती नदी के अंतिम छोर तक निकाली जाएगी पदयात्रा पद्मश्री डॉ शेखर पाठक पदयात्रा में रहेंगे शामिल उत्तराखंड के बाज के जंगलों से निकलने वाली नदियों को बचाने के लिए कार्य कर रहे पर्यावरण प्रेमियों के द्वारा अस्कोट अराघाट यात्रा के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर रविवार 26 मई को पर्यावरण प्रेमी देवेंद्र ओली के नेतृत्व में लोहावती नदी में पैदल पद यात्रा की गयी जिसमें राजेन्द्र गहतोड़ी , सामाजिक कार्यकर्त्ता राजेन्द्र पुनेठा(राजू भैय्या), एवं नवीन राय, शोधार्थी (जूनियर रिसर्च फेलो), आदि मौजूद रहे देवेंद्र ओली ने बताया पदयात्रा का आरम्भ पाटन एवं बिसुंग से आने वाली नदियों के संगम(जहाँ से लोहावती का नाम पढ़ा) से किया गया उन्होंने लोहावती नदी की दुर्दशा पर चिंता जताते हुए कहा यात्रा के दौरान उन्होंने देखा कोली ढेक से फोर्ती पैदल मार्ग के समीप पुल के पास बिसुंग गाड़ एवं पाटन से आने वाली गाड़ मिलकर लोहावती का निर्माण करती है.. यहाँ पर देखने को मिला कि पाटन से आने वाली पाटन गाड़ अब एक प्रदूषित नाले में तब्दील हो चुकी है वही दूसरी तरफ बिसुंग से आने वाली गाड़ का पानी अभी भी स्वच्छ है. जिसका कारण पाटन गाड़ में जनसंख्या का अधिक संकेन्द्रण, एवं बिसुंग गाड़ में जनसंख्या का कम संकेन्द्रण होना है संगम से ठीक 500 मीटर नीचे आने पर रोडवेज बस स्टेशन से ठीक नीचे एक प्रदूषित नाला लोहावती में मिलता है जो कि अपने साथ अनेक विषैले प्लास्टिक के थैले,बोतल एवं अन्य कचरे को लोहावती में मिलाता है यह नाला मुख्य बाजार से ही होता हुआ आता है. ओली ने बताया इससे ठीक 200 मीटर नीचे प्राचीन रिसेश्वर मंदिर में जाने पर हमने पाया की वहां पर मंदिर के समीप पानी का बहाव अत्यंत धीमा एवं पानी अत्यंत प्रदूषित है, मंदिर के समीप एक और प्रदूषित नाला बाड़ीगाड़ इसमें मिलता है जो कि अपने साथ ढेर सारा कचरा लाता है, प्राचीन में इस नदी के पानी से शिवजी का अभिषेक किया जाता था परन्तु वर्तमान में यह पानी स्पर्श करने लायक भी नहीं है. इसके उपरांत ठीक 100 मीटर नीचे शमशान घाट स्थित है जो की प्रदूषण का एक अन्य स्त्रोत है तथा इसके ठीक 2 किलोमीटर नीचे लोहावती में बलाई गाड़ इसमें मिलती है जो कि एकदम स्वच्छ है क्युकी यह भी आबादी मुक्त क्षेत्र है इसी के समीप एक पुराना पम्प हॉउस है जहाँ से पानी स्टोर करके लोहाघाट मुख्य मार्किट में भेजा जाता है इसके समीप प्लास्टिक के ढेर सारा अवशिष्ट पदार्थ देखने को मिला सभी पर्यावरण प्रेमियों ने कहा अगर जल्द लोहावती को स्वच्छ नहीं किया गया तो जल्द यह सूख जाएगी उन्होंने कहा लोहावती की दुर्दशा के लिए लोहाघाट नगर की जनता के साथ-साथ लोहाघाट नगर पालिका व प्रशासन भी जिम्मेदार है लोहावती में सीधे सीवर को छोड़ा गया है लोगों के द्वारा कूड़े को कूड़ेदानों में ना डालकर नालों में फेंका जा रहा है उन्होंने कहा लोहावती को बचाने के लिए सब ने साथ मिलकर काम करना होगा सबसे पहले इन गंदे नालों को लोहावती से हटाना होगा [caption id="attachment_19909" align="alignnone" width="300"] तभी लोहावती बच पाएगी उन्होंने कहा आज लोहाघाट नगर में पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है उसका कारण यह है कि हम अपनी नदियों को बचाने में असफल रहे हैं ओली ने बताया इसी मुहिम के तहत 15 अक्टूबर से लेकर 25 अक्टूबर तक लोहावती के उद्गम स्थल से लेकर लोहावती के अंतिम छोर महाकाली में संगम स्थल गढ़मुक्तेश्वर तक पैदल यात्रा निकाली जाएगी जिसमें उत्तराखंड के प्रसिद्ध इतिहासकार व पद्मश्री डॉक्टर शेखर पाठक भी प्रतिभाग करेंगे उन्होंने कहा सिर्फ स्वच्छता अभियान चलाने से लोहावती स्वच्छ नहीं हो सकती इसके लिए इसके लिए युद्ध स्तर पर कार्य करने होंगे [/caption]

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