रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट विधानसभा का बोलना विकास 15 किलोमीटर दूर जाकर पढ़ाई करने को मजबूर डुंगरा लेटी की छात्र-छात्राएं।
लोहाघाट विधानसभा का बोलना विकास 15 किलोमीटर दूर जाकर पढ़ाई करने को मजबूर डुंगरा लेटी की छात्र-छात्राएं।
लंबे समय से कर रहे हैं विद्यालय के उच्चीकरण की मांग नहीं लिया जा रहा है संज्ञान।

धूप में पैदल चलने को मजबूर छात्र-छात्राओ की मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी से गुहार विद्यालय का किया जाए उच्चीकरण।

ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति सरकार व जनप्रतिनिधि कितने गंभीर है इसका जीता जागता उदाहरण लोहाघाट विधानसभा के सीमांत लेटी डुंगरा क्षेत्र में देखा जा सकता है। जहा बच्चे रोज इंटर की पढ़ाई करने के लिए 15 किलोमीटर दूर पैदल चल मडलक इंटर कॉलेज तक पहुंचते हैं। जिसमें छात्र छात्राओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। छात्राओं ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके विद्यालय का उच्चीकरण करने की मांग की है। क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि प्रवीण पांडे ने बताया कई बार शासन को लेटी डूंगरा हाई स्कूल के उच्चीकरण की मांग की गई थी पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया लेटी डुंगरा, जर्मसो व बगोटी के बच्चे रोज धूप में 12वीं की शिक्षा ग्रहण करने लगभग 25 किलोमीटर पैदल चल राजकीय इंटर कॉलेज मडलक जाते है। इस दौरान छात्र-छात्राओं को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया बच्चों के आने-जाने के लिए शासन प्रशासन के द्वारा वाहन की व्यवस्था तक नहीं की गई है। प्रवीण पांडे ने कहा इस कठिनाई के चलते आज तक कई बच्चे हाई स्कूल के बाद पढ़ाई तक छोड़ चुके हैं। उन्होंने सरकार से सीमांत क्षेत्र के बच्चों का हित देखते हुए डूंगरा लेटी हाई स्कूल का उच्चीकरण करने की मांग की है। ताकि क्षेत्र के अधिक से अधिक बच्चे शिक्षा ग्रहण कर सके। वही भावना, काजल, इशिता, माया ,दीपक ,सचिन, राहुल ,साक्षी ,पंकज, प्रकाश ,पूजा किशोर, इशा, मनीषा ,राहुल ,मंजू ,रेनू ,करिश्मा ,अंजलि ,लक्ष्मी ,चंद्रकला, प्रियंका , सतीश ,सचिन ,संदीप, मुकेश ,सरिता ,राकेश , दिक्षा ,अनीता ,रोशनी आदि छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार से उनके विद्यालय के उच्चीकरण व वाहन व्यवस्था करने की गुहार लगाई है। छात्र-छात्राओं ने कहा वह रोज पैदल चलते-चलते काफी थक जाते हैं जिसका असर उनकी पढ़ाई पर भी पड़ता है। कहा रास्ते मे जंगली जानवरों व जहरीले सांपों का खतरा बना रहता है।अब देखना है बच्चों की गुहार पर शासन प्रशासन क्या कदम उठाता है। क्या जनप्रतिनिधि जागते हैं या बच्चों को इसी तरह रोज सड़क नापनी पड़ती हैं।