रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : नैनीताल:ब्लॉगर ज्योति अधिकारी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत। पांच मुकदमो में गिरफ्तारी में लगी रोक
Laxman Singh Bisht
Tue, Jan 20, 2026
ब्लॉगर ज्योति अधिकारी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत। पांच मुकदमो में गिरफ्तारी में लगी रोक
उत्तराखंड हाई कोर्ट नैनीताल ब्लॉगर ज्योति अधिकारी को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ पांच अन्य मुकदमो में गिरफ्तारी में रोक लगा दी है।उत्तराखंड हाई कोर्ट ने हाल के दिनों में चर्चित ब्लागर ज्योति अधिकारी के द्वारा देवी देवताओं व पहाड़ की महिलाओं के खिलाफ गलत भाषा का चयन करके अपमानजनक शब्द बोलने पर उनके खिलाफ सात में से पाँच दर्ज मुकदमो पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद शीतअवकाश कालीन न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ ने उनको राहत देते हुए पांचो मुकदमों में उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार से तीन सप्ताह में अपना जवाब पेश करने को कहा है। कोर्ट ने ज्योति अधिकारी से कहा है कि जो मुकदमो से सम्बन्धित पोस्ट उनके द्वारा सोशियल मीडिया में पोस्ट की हैं उन्हें तुरंत हटाएँ जिससे की और कोई आहत न को। सोशियल मीडिया में पोस्ट करते वक्त उचित भाषा का चयन करना आवश्यक है। जिससे कोई आहत न हो। मामले के अनुसार ब्लागर हल्द्वानी निवासी ज्योति अधिकारी के द्वारा अंकिता भण्डारी हत्या के आंदोलन के दौरान सोसियल मीडिया और धरना प्रदर्शन करते वक्त देवी देवताओं व पहाड़ की महिलाओं के खिलाफ हाथ मे दराती लेकर गलत भाषा का चयन करके अपमानजनक शब्द बोले गए। जिससे काफी विवाद उतपन्न हो गया था। उनके द्वारा कहे गए शब्दो से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई। इससे क्षुब्द होकर उनके खिलाफ हल्द्वानी सहित कई जगहों पर सात मुकदमे दर्ज हुए। जिनमे से उनको दो मुकदमो में जेल जाना पड़ा। बाकि पाँच मुकदमो में आज उच्च न्यायलय ने सुनवाई के बाद उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी । हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से कहा गया कि उनके द्वारा देवीदेवताओं व पहाड़ की महिलाओं के लिए आपत्तिजनक शब्द अपने फालोवर बढ़ाने के लिए कहे गए। जिससे पहाड़ की महिलाए आहत हुई। एक ब्लॉगर को ऐसे शब्द नही कहने चाहिए जिससे किसी की आत्मा व भावनाओ को ठेस पहुंचे। याचिकर्ता की तरफ से कहा गया कि उनके द्वारा सोशियल मीडिया से ये पोस्ट हटा दी गयी हैं अन्य जो हैं उन्हें भी हटा दिया जाएगा। दो केसों में वे 6 दिन की जेल की सजा काट चुकी है। इसलिए अन्य पांच केसों में उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाय।