रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : लोहाघाट की सड़कों में लोगों का चलना हुआ दूभर सड़कों के दोनों और खड़े वाहन बने मुसीबत।
Laxman Singh Bisht
Sun, May 18, 2025
पेयजल के बाद दूसरी सबसे बड़ी समस्या बना यातायात।समस्या का समाधान करेगा कौन पुलिस या पालिका?
लोहाघाट की सड़कों व गलियों में आम आदमी का पैदल चलना तक दूभर हो गया है। सड़कों के दोनों और बेतरतीब खड़े रहने वाले वाहनों के चलते नगर में यह समस्या विकराल रूप ले चुकी है। पर समस्या का समाधान करने के लिए ना तो पुलिस तैयार है और ना ही नगर को अतिक्रमण मुक्त बनाने का दावा करने वाली नगर पालिका। नगर की नैनीताल बैंक रोड स्थाई बाइक पार्किंग में बदल चुकी है सड़क में दोनों और खड़े रहने वाली बाईको के चलते आम जनता का पैदल चलना व बाइकों का निकलना भी मुश्किल हो गया है।
कभी भी यहां बड़ी दुर्घटना हो सकती है। इसके अलावा नगर का गांधी चौक, अस्पताल रोड ,अस्पताल के सामने मीना बाजार को जाने वाली सड़क , मीना बाजार चौराहा, मीना बाजार रोड, थाना रोड, स्टेशन बाजार पूरी तरह वाहनों के कब्जे में आ चुकी है। नगर पालिका बारात घर के पास सड़क में खड़े वाहनों के चलते फायर ब्रिगेड के वाहन तक नहीं मुड़ पाते है। सड़कों में खड़ें वाहन के कारण आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पर समस्या का समाधान करने के लिए कोई भी तैयार नहीं है। हालांकि लोहाघाट पुलिस के द्वारा नगर की सड़कों को पार्किंग समझकर कर खड़े रहने वाले वाहनों से मुक्ति दिलाने का दावा तो किया जाता है 
पर उस पर अमल नहीं किया जाता है। यही हाल नगर पालिका लोहाघाट के हैं जिनके कंधों पर नगर की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने की जिम्मेदारी है ।पर पालिका के द्वारा समस्या को देख कर भी अनदेखा किया जाता है। कई बार लोगों के द्वारा इस समस्या के समाधान की मांग पुलिस व पालिका से की गई पर समस्या का समाधान आज तक नहीं हो पाया है। कभी मामले को कभी गंभीरता से लिया ही नहीं लिया गया मामले को बैठकों तक ही सीमित रखा गया।लोगों ने कहा आज नगर की ऐसी कोई सड़क व गली नहीं है जहा वाहन स्वामीयो के द्वारा अपना कब्जा नहीं जमाया गया है। माल वाहक वाहन जब मर्जी सड़कों मे माल उतारते है।
उन्हें आम जनता की समस्या से कोई लेना देना नहीं है। पुलिस कर्मचारियों की कमी का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लेती है। लोगों ने कहा अब समस्या के समाधान की मांग भी करें तो किस से करें मामले में न तो पुलिस संज्ञान लेती है और ना ही प्रशासन। दो दिन का अभियान चला कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। जिसका खामियाजा आज नगर की आम जनता को ट्रैफिक जाम के रूप मे भुगतना पड़ रहा है। लोगों ने कहा पेयजल के बाद यातायात लोहाघाट की दूसरी सबसे बड़ी समस्या बन चुका है। जिसे व्यापारियों के साथ साथ आम जन परेशान है। हालांकि पुलिस ने स्कूल समय में वन वे कर थोड़ी राहत जरूर दी है जिसकी लोगो ने सराहना भी की है।