चंपावत :सूखे से आलू की फसल तबाह किसानों ने सरकार व जनप्रतिनिधियों पर लगाया उपेक्षा का आरोप जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की उठाई मांग
Laxman Singh Bisht
May 05, 2024 02:27 am
201 views
05 May 2024
सूखे से आलू की फसल तबाह किसानों ने सरकार व जनप्रतिनिधियों पर लगाया उपेक्षा का आरोप जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की उठाई मांग
चंपावत जिले में लंबे समय से बारिश न होने के चलते सूखा पड़ गया है पर्वतीय क्षेत्र में किसानों की फसले पूरी तरह तबाह हो गई है शनिवार को चंपावत के जिला किसान संगठन अध्यक्ष नवीन करायत , कोषाध्यक्ष मोहन चंद्र पांडे तथा राज किशोर साह ने जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग सरकार से की किसान नेताओं ने कहा जिले के पर्वतीय क्षेत्र के किसानों ने ऋण लेकर लाखो रुपए की लागत का आलू लगाया था लेकिन सूखे की चपेट में आने से आलू की फसल पूरी तरह तबाह हो गई है
उन्होंने कहा आलू की फसल किसानों की आर्थिक स्थिति की रीड की हड्डी मानी जाती थी साथ ही गेहूं ,लहसुन ,प्याज व अन्य फसले पूरी तरह सूख चुकी है जिले के जल स्रोत सूखे पड़े हैं किसानों ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा किसी भी जनप्रतिनिधि ने किसानों की आवाज को नहीं उठाया ना ही उनकी सुध ली उन्होंने कहा जनप्रतिनिधि सिर्फ बोट मांगने उनके दरवाजे में आते हैं तथा बड़े-बड़े वादे करके जाते हैं उन्होंने कहा पहले किसाने की कमर लंपी वायरस ने तोड़ी
सरकार ने कोई राहत नहीं दी अब फसले सूख चुकी हैं सरकार किसानों को राहत देने के लिए कोई पहल नहीं कर रही है जिस कारण किसानों का खेती से मोह भंग हो रहा है उन्होंने सरकार से कृषि ऋण माफ करने व चंपावत जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है साथ ही चेतावनी दी है अगर किसानों की मांगे नहीं मानी गई तो किसान आंदोलन को मजबूर होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी
चंपावत जिले में लंबे समय से बारिश न होने के चलते सूखा पड़ गया है पर्वतीय क्षेत्र में किसानों की फसले पूरी तरह तबाह हो गई है शनिवार को चंपावत के जिला किसान संगठन अध्यक्ष नवीन करायत , कोषाध्यक्ष मोहन चंद्र पांडे तथा राज किशोर साह ने जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग सरकार से की किसान नेताओं ने कहा जिले के पर्वतीय क्षेत्र के किसानों ने ऋण लेकर लाखो रुपए की लागत का आलू लगाया था लेकिन सूखे की चपेट में आने से आलू की फसल पूरी तरह तबाह हो गई है
उन्होंने कहा आलू की फसल किसानों की आर्थिक स्थिति की रीड की हड्डी मानी जाती थी साथ ही गेहूं ,लहसुन ,प्याज व अन्य फसले पूरी तरह सूख चुकी है जिले के जल स्रोत सूखे पड़े हैं किसानों ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा किसी भी जनप्रतिनिधि ने किसानों की आवाज को नहीं उठाया ना ही उनकी सुध ली उन्होंने कहा जनप्रतिनिधि सिर्फ बोट मांगने उनके दरवाजे में आते हैं तथा बड़े-बड़े वादे करके जाते हैं उन्होंने कहा पहले किसाने की कमर लंपी वायरस ने तोड़ी
सरकार ने कोई राहत नहीं दी अब फसले सूख चुकी हैं सरकार किसानों को राहत देने के लिए कोई पहल नहीं कर रही है जिस कारण किसानों का खेती से मोह भंग हो रहा है उन्होंने सरकार से कृषि ऋण माफ करने व चंपावत जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है साथ ही चेतावनी दी है अगर किसानों की मांगे नहीं मानी गई तो किसान आंदोलन को मजबूर होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी
विज्ञापन
पाटी:पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज मूलाकोट को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो का प्रधानाचार्य ने किया खंडन
लोहाघाट महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की तैयारियां तेज: विभिन्न पदों के लिए कुल 30 नामांकन फॉर्म बिके /अध्यक्ष पद के लिए तीन उम्मीदवारों ने खरीदे नामांकन पत्र।
चंपावत:बेहड़ से मारपीट को लेकर कांग्रेसियों में उबाल चंपावत में किया धरना प्रदर्शन।
चंपावत:अक्टूबर में पीएम मोदी आ सकते हैं बनबसा व अद्वैत आश्रम मायावती ।
चंपावत:डीएम ने की राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा, लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
चंपावत:राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान और उनके हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता : हुकम सिंह कुँवर
टनकपुर:डॉ० ए०पी०जे० अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी संस्थान में 5.75 करोड़ की लागत से 66 बैडेड महिला छात्रावास का निर्माण कार्य पूर्ण
टनकपुर:घर में घुसकर चोरी की घटना को अंजाम देने के 3 आरोपी 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार
जीआईसी दिगाली चौड़ में संकुल स्तरीय सामाजिक विज्ञान महोत्सव का आयोजन।
लवप्रीत की संवेदनशील सोच ने छुआ मुख्यमंत्री धामी का दिल, घर पहुंचा टैब