: लोहाघाट:पंचायतो का भौगोलिक आधार पर परिसीमन करने की मांग को लेकर राज्य आंदोलनकारी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजा ज्ञापन
Laxman Singh Bisht
Fri, Feb 14, 2025
पंचायतो का भौगोलिक आधार पर परिसीमन करने की मांग को लेकर राज्य आंदोलनकारी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजा ज्ञापन
लोहाघाट के प्रमुख राज्य आंदोलनकारी व पूर्व शिक्षक भूमलाई निवासी गणेश दत्त पुनेठा ने प्रदेश में पंचायतो का भौगोलिक आधार पर परिसीमन करने की मांग करते हुए शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी निर्वाचन आयोग देहरादून को ज्ञापन भेजा है ज्ञापन में पुनेठा ने कहा उत्तराखंड राज्य का अधिकतर भाग पहाड़ी क्षेत्र में आता है दूर-दूर गांव भौगोलिक विषमता का कारण है जिससे एकाधिकार प्रतिनिधित्व का सामना करना पड़ता है उन्होंने कहा बहुत से क्षेत्र एवं जिला पंचायतें ऐसी हैं जहां पर कम जनसंख्या वाली ग्राम पंचायत को लोकतंत्र को मजबूत करने में सहायता नहीं मिलती है ऐसी दशा में लोकतांत्रिक ढांचा सशक्त नहीं हो पता है तथा कुछ क्षेत्र पंचायत ऐसी गठित है जो नदियों के उस पार के ग्रामों में सम्मिलित है एक ग्राम पंचायत की दूरी 4 किलोमीटर से भी दूर है इसके अलावा बड़ी ग्राम पंचायत के सामने छोटी ग्राम पंचायतो का कोई अस्तित्व नहीं रह जाता है
उन्होंने मांग करते हुए कहा यदि भौगोलिक आधार पर परिसीमन होता है तो निकट की ग्राम पंचायत से क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत का आकार छोटा हो जाएगा जिससे क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायती की संख्या बढ़ेगी परिणाम स्वरुप धनबल का प्रभाव भी कम होगा उन्होंने निर्वाचन आयोग देहरादून से भौगोलिक आधार पर परिसीमन कर पंचायत के चुनाव कराने की मांग की है
लोहाघाट के प्रमुख राज्य आंदोलनकारी व पूर्व शिक्षक भूमलाई निवासी गणेश दत्त पुनेठा ने प्रदेश में पंचायतो का भौगोलिक आधार पर परिसीमन करने की मांग करते हुए शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी निर्वाचन आयोग देहरादून को ज्ञापन भेजा है ज्ञापन में पुनेठा ने कहा उत्तराखंड राज्य का अधिकतर भाग पहाड़ी क्षेत्र में आता है दूर-दूर गांव भौगोलिक विषमता का कारण है जिससे एकाधिकार प्रतिनिधित्व का सामना करना पड़ता है उन्होंने कहा बहुत से क्षेत्र एवं जिला पंचायतें ऐसी हैं जहां पर कम जनसंख्या वाली ग्राम पंचायत को लोकतंत्र को मजबूत करने में सहायता नहीं मिलती है ऐसी दशा में लोकतांत्रिक ढांचा सशक्त नहीं हो पता है तथा कुछ क्षेत्र पंचायत ऐसी गठित है जो नदियों के उस पार के ग्रामों में सम्मिलित है एक ग्राम पंचायत की दूरी 4 किलोमीटर से भी दूर है इसके अलावा बड़ी ग्राम पंचायत के सामने छोटी ग्राम पंचायतो का कोई अस्तित्व नहीं रह जाता है
उन्होंने मांग करते हुए कहा यदि भौगोलिक आधार पर परिसीमन होता है तो निकट की ग्राम पंचायत से क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत का आकार छोटा हो जाएगा जिससे क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायती की संख्या बढ़ेगी परिणाम स्वरुप धनबल का प्रभाव भी कम होगा उन्होंने निर्वाचन आयोग देहरादून से भौगोलिक आधार पर परिसीमन कर पंचायत के चुनाव कराने की मांग की है