रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चम्पावत व लोहाघाट महायोजना-2041 (प्रारूप) पर जनता से मांगे गए सुझाव और आपत्तियां
Laxman Singh Bisht
Tue, Jun 30, 2026
चम्पावत व लोहाघाट महायोजना-2041 (प्रारूप) पर जनता से मांगे गए सुझाव और आपत्तियां

नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा जनपद के सतत और सुव्यवस्थित विकास हेतु चम्पावत महायोजना-2041 (प्रारूप) तथा लोहाघाट महायोजना-2041 (प्रारूप) तैयार कर लिया गया है। इस महायोजना के संबंध में आम जनता, विभिन्न अभिकरणों और विभागों से आपत्ति एवं सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए सहायक अभियंता जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण ने बताया की शासन के निर्देशों के क्रम में विभाग द्वारा जनपद के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों पर महायोजना प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सर्व-साधारण द्वारा दिनांक 30 जून 2026 से 31 जुलाई 2026 तक अपने बहुमूल्य सुझाव या आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। ताकि अधिक से अधिक लोग इस विकास योजना का हिस्सा बन सकें।चम्पावत महायोजना-2041 के अंतर्गत चम्पावत नगर सहित चौड़ासेठी, डडाबिष्ट, ढकना बडोला, डुंगरासेठी, जूप पटवा, कनलगाँव, खर्ककार्की, कुलेठी, मादली तल्ली, मादली मल्ली, मांजगाँव, नघान, पल्सों, पुनेठी, शक्तिपुर, त्यारकुड़ा, सेलाखोला, चौकी, फुंगर, सिलींगटाक, नगरगाँव, लटोली, लिस्ता, कफलांग, चैकुनी बोरा, चैकुनी पाण्डे, राकड़ीफुलारा, बाजरीकोट, चनई और मुडियानी गाँवों को सम्मिलित किया गया है। इस योजना का प्रारूप अवलोकन के लिए कार्यालय जिलाधिकारी चम्पावत, कार्यालय नगर पालिका परिषद् चम्पावत और तहसील कार्यालय चम्पावत में उपलब्ध रहेगा।दूसरी ओर, लोहाघाट महायोजना-2041 के प्रारूप में लोहाघाट नगर के साथ ही कलीगाँव, कोलीढेक, पाटन-पाटनी और पाऊ गाँवों को शामिल किया गया है। लोहाघाट क्षेत्र के नागरिक इस महायोजना के मानचित्र प्रारूप का अवलोकन कार्यालय जिलाधिकारी चम्पावत, तहसील कार्यालय लोहाघाट, कार्यालय नगर पालिका परिषद् लोहाघाट तथा कार्यालय विकास खण्ड लोहाघाट में कर सकते हैं।जनसामान्य की सुविधा के लिए महायोजना मानचित्र प्रारूप की प्रति इन सभी निर्धारित स्थलों पर निशुल्क अवलोकनार्थ उपलब्ध रहेगी। इसके अतिरिक्त इच्छुक व्यक्ति प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट www.ddacpt.in एवं जिला कार्यालय की वेबसाइट www.champawat.nic.in से भी इसे निशुल्क डाउनलोड कर देख सकते हैं। महायोजना प्रारूप पर यदि किसी को कोई आपत्ति या सुझाव देना हो, तो उन्हें दो प्रतियों में दिनांक 30 जून 2026 से दिनांक 31 जुलाई 2026 तक किसी भी कार्य दिवस में प्रदर्शनी स्थलों पर नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग द्वारा नियुक्त कर्मियों को प्रस्तुत करना होगा। सरकारी विभागों को भी अपनी आपत्तियां या सुझाव इसी नियत समयावधि यानी 31 जुलाई 2026 तक जमा करने होंगे। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि इस नियत समय सीमा के समाप्त होने के उपरान्त प्राप्त होने वाली किसी भी आपत्ति या सुझाव पर विचार नहीं किया जाएगा।