: चंपावत:स्कूल जाने के लिए 24 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करती है चंपावत की उड़न परी सोनी/ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर हुई सम्मानित/ मुख्यमंत्री से गांव तक सड़क पहुंचाने की लगाई गुहार/ सड़क के अभाव में कई बच्चे छोड़ चुके हैं पढ़ाई
Laxman Singh Bisht
Sat, Mar 8, 2025
स्कूल जाने के लिए 24 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करती है चंपावत की उड़न परी सोनी सड़क के अभाव में कई बच्चे छोड़ चुके हैं पढ़ाई
चंपावत:आज जहां देश के कदम चांद में पढ़ चुके हैं तो वही आज भी ग्रामीण सड़क के लिए संघर्ष करते नजर आ रहे हैं मामला है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विधानसभा चंपावत के सीमांत मंच क्षेत्र के बकोड़ा गांव की जहां आज तक सड़क नहीं पहुंच पाई है कहते हैं प्रतिभा परिचय की मोहताज नहीं होती है कहानी है चंपावत की उड़नपरी के नाम से महसूर सोनी बोहरा व उसके गांव के अन्य बच्चों की जिन्हें आज भी अपने स्कूल जीआईसी मंच पहुंचने के लिए रोज 24 किलोमीटर की पैदल दूरी नापनी पड़ती है साधारण परिवार से आने वाली सोनी बोरा लंबी दौड़ में जिले और राज्य स्तर में गोल्ड मेडल लाने के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर चुकी है वहीं आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सोनी को डाइट लोहाघाट में सम्मानित किया गया अतिथियों ने कहा ऐसी विलक्षण प्रतिभा की धनी बालिका को सम्मानित करना उनके लिए गर्व की बात है सोनी ने बताया उसके गांव में सड़क न होने के चलते उसको और उसके साथ के बच्चों को रोज 24 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर स्कूल आना जाना पड़ता है इसी स्कूल आने जाने के दौरान उन्हें दौड़ना पड़ता है पहाड़ियों पर चढ़ना पड़ता है इसी स्कूल आने-जाने में होने वाली कठिनाइयों से उसकी दौड़ की ट्रेनिंग होती है सोनी ने कहा सड़क न होने के कारण गांव के कई बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं या बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ देते हैं कहा उनके गांव में ना तो सड़क है न स्कूल है और न अस्पताल उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके गांव बकोड़ा तक सड़क पहुंचाने की गुहार लगाई है सोनी ने कहा वह खेल के क्षेत्र में देश का नाम रोशन करना चाहती हैं वहीं सोनी के शिक्षक रा0 इंटर कॉलेज मंच के सुधांशु सक्सेना ने बताया सोनी काफी प्रतिभाशाली छात्रा है वह पहली बार जब वह दौड़ में शामिल हुई थी तो जूता ना होने के कारण उसे नंगे पैर दौड़ना पड़ा था उसके पिता ज्ञान सिंह खेतीबाड़ी कर परिवार का लालन पोषण करते हैं
कहा इस समय विद्यालय परिवार के द्वारा सोनी की मदद की जा रही है उन्होंने कहा सुविधाओं के अभाव के बावजूद सोनी ने जिले और राज्य का नाम रोशन किया है उन्होंने भी सरकार से बकोड़ा गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने का अनुरोध किया है ताकि क्षेत्र के बच्चे अपनी शिक्षा पूरी करने के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी आगे बढ़ पाए वहीं लोगों ने कहा यह कैसा आदर्श जिला चंपावत है जहां बच्चों को अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए 24 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है सरकार ने मामले का संज्ञान लेना चाहिए तथा सोनी जैसी बालिकाओं को आगे बढ़ाने के लिए मदद के हाथ आगे बढ़ाने चाहिए लोगों ने कहा यह काफी गंभीर मामला है की सड़क के भाव में बच्चे अपनी शिक्षा को आधे में छोड़ रहे हैं मुख्यमंत्री ने अपनी विधानसभा होने के नाते मामले का संज्ञान लेना चाहिए
चंपावत:आज जहां देश के कदम चांद में पढ़ चुके हैं तो वही आज भी ग्रामीण सड़क के लिए संघर्ष करते नजर आ रहे हैं मामला है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विधानसभा चंपावत के सीमांत मंच क्षेत्र के बकोड़ा गांव की जहां आज तक सड़क नहीं पहुंच पाई है कहते हैं प्रतिभा परिचय की मोहताज नहीं होती है कहानी है चंपावत की उड़नपरी के नाम से महसूर सोनी बोहरा व उसके गांव के अन्य बच्चों की जिन्हें आज भी अपने स्कूल जीआईसी मंच पहुंचने के लिए रोज 24 किलोमीटर की पैदल दूरी नापनी पड़ती है साधारण परिवार से आने वाली सोनी बोरा लंबी दौड़ में जिले और राज्य स्तर में गोल्ड मेडल लाने के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर चुकी है वहीं आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सोनी को डाइट लोहाघाट में सम्मानित किया गया अतिथियों ने कहा ऐसी विलक्षण प्रतिभा की धनी बालिका को सम्मानित करना उनके लिए गर्व की बात है सोनी ने बताया उसके गांव में सड़क न होने के चलते उसको और उसके साथ के बच्चों को रोज 24 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर स्कूल आना जाना पड़ता है इसी स्कूल आने जाने के दौरान उन्हें दौड़ना पड़ता है पहाड़ियों पर चढ़ना पड़ता है इसी स्कूल आने-जाने में होने वाली कठिनाइयों से उसकी दौड़ की ट्रेनिंग होती है सोनी ने कहा सड़क न होने के कारण गांव के कई बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं या बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ देते हैं कहा उनके गांव में ना तो सड़क है न स्कूल है और न अस्पताल उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके गांव बकोड़ा तक सड़क पहुंचाने की गुहार लगाई है सोनी ने कहा वह खेल के क्षेत्र में देश का नाम रोशन करना चाहती हैं वहीं सोनी के शिक्षक रा0 इंटर कॉलेज मंच के सुधांशु सक्सेना ने बताया सोनी काफी प्रतिभाशाली छात्रा है वह पहली बार जब वह दौड़ में शामिल हुई थी तो जूता ना होने के कारण उसे नंगे पैर दौड़ना पड़ा था उसके पिता ज्ञान सिंह खेतीबाड़ी कर परिवार का लालन पोषण करते हैं
कहा इस समय विद्यालय परिवार के द्वारा सोनी की मदद की जा रही है उन्होंने कहा सुविधाओं के अभाव के बावजूद सोनी ने जिले और राज्य का नाम रोशन किया है उन्होंने भी सरकार से बकोड़ा गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने का अनुरोध किया है ताकि क्षेत्र के बच्चे अपनी शिक्षा पूरी करने के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी आगे बढ़ पाए वहीं लोगों ने कहा यह कैसा आदर्श जिला चंपावत है जहां बच्चों को अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए 24 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है सरकार ने मामले का संज्ञान लेना चाहिए तथा सोनी जैसी बालिकाओं को आगे बढ़ाने के लिए मदद के हाथ आगे बढ़ाने चाहिए लोगों ने कहा यह काफी गंभीर मामला है की सड़क के भाव में बच्चे अपनी शिक्षा को आधे में छोड़ रहे हैं मुख्यमंत्री ने अपनी विधानसभा होने के नाते मामले का संज्ञान लेना चाहिए