: बाराकोट:जंगल की आग से 200 वर्ष पुराना धर्मशाला स्वाहा
Laxman Singh Bisht
Sun, May 5, 2024जंगल की आग से 200 वर्ष पुराना धर्मशाला स्वाहा
वनअग्नि से चंपावत जिले के बाराकोट ब्लाक के प्रसिद्द ऐड़ीधुरा धाम में स्थित 200 वर्ष पुराना धर्मशाला जलकर खाक हो गया है।ज्ञात हो कि ऐड़ीधुरा धाम रैगांव, बैड़ा, लुवाकोट, सेरा, भनार व मटियाल क्षेत्र के लोगों के आस्था का पवित्र पूज्यनीय स्थल है। यहां पर दूर दूर से लोग अपनी मनोकामनाएं लेकर नवरात्रियों तथा अन्य पर्वों पर आते रहते हैं। वहां पर मंदिर के पास ही स्थित डांगर समाज का निवास स्थान है। जिसमें नवरात्रियों के दौरान डांगर समाज निवास करते हैं। लेकिन जंगल में लगी भयंकर आग से अब वह धर्मशाला स्वाहा हो चुका है।
जंगल के बीच होने तथा रात्रि में आग लगने के कारण लोगों को इसकी जानकारी रविवार सुबह गाय चुगाने गए ग्वालों द्वारा दी गई।मंदिर समिति के अध्यक्ष गोविंद सिंह अधिकारी सहित समस्त पदाधिकारियों ने बताया कि इस घटना से समस्त क्षेत्रवासी व्यथित और दुखी हैं।
वही कोषाध्यक्ष अध्यापक शंकर सिंह अधिकारी ने बताया कि समस्त क्षेत्रवासियों कि मांग है कि अतिशीघ्र डांगर समाज के लिए धर्मशाला का निर्माण किया जाए। और साथ ही मंदिर परिसर का निर्माण किया जाय। ताकि भविष्य में इस तरह की होने वाली घटनाओं को रोका जा सके।समिति के अन्य पदाधिकारियों तथा डांगर समाज हरीश सिंह अधिकारी, माधो सिंह अधिकारी, शेर सिंह अधिकारी, विक्रम सिंह अधिकारी, प्रताप सिंह अधिकारी, कल्याण सिंह, हर सिंह अधिकारी, बहादुर सिंह,प्रयाग सिंह, नारायण सिंह आदि ने भी गुहार लगाई कि अतिशीघ्र धर्मशाला का पुनर्निर्माण किया जाय
वनअग्नि से चंपावत जिले के बाराकोट ब्लाक के प्रसिद्द ऐड़ीधुरा धाम में स्थित 200 वर्ष पुराना धर्मशाला जलकर खाक हो गया है।ज्ञात हो कि ऐड़ीधुरा धाम रैगांव, बैड़ा, लुवाकोट, सेरा, भनार व मटियाल क्षेत्र के लोगों के आस्था का पवित्र पूज्यनीय स्थल है। यहां पर दूर दूर से लोग अपनी मनोकामनाएं लेकर नवरात्रियों तथा अन्य पर्वों पर आते रहते हैं। वहां पर मंदिर के पास ही स्थित डांगर समाज का निवास स्थान है। जिसमें नवरात्रियों के दौरान डांगर समाज निवास करते हैं। लेकिन जंगल में लगी भयंकर आग से अब वह धर्मशाला स्वाहा हो चुका है।
जंगल के बीच होने तथा रात्रि में आग लगने के कारण लोगों को इसकी जानकारी रविवार सुबह गाय चुगाने गए ग्वालों द्वारा दी गई।मंदिर समिति के अध्यक्ष गोविंद सिंह अधिकारी सहित समस्त पदाधिकारियों ने बताया कि इस घटना से समस्त क्षेत्रवासी व्यथित और दुखी हैं।
वही कोषाध्यक्ष अध्यापक शंकर सिंह अधिकारी ने बताया कि समस्त क्षेत्रवासियों कि मांग है कि अतिशीघ्र डांगर समाज के लिए धर्मशाला का निर्माण किया जाए। और साथ ही मंदिर परिसर का निर्माण किया जाय। ताकि भविष्य में इस तरह की होने वाली घटनाओं को रोका जा सके।समिति के अन्य पदाधिकारियों तथा डांगर समाज हरीश सिंह अधिकारी, माधो सिंह अधिकारी, शेर सिंह अधिकारी, विक्रम सिंह अधिकारी, प्रताप सिंह अधिकारी, कल्याण सिंह, हर सिंह अधिकारी, बहादुर सिंह,प्रयाग सिंह, नारायण सिंह आदि ने भी गुहार लगाई कि अतिशीघ्र धर्मशाला का पुनर्निर्माण किया जाय