रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट डिपो में बसों की कमी के साथ-साथ अब टायरों की कमी तीन बसें खड़ी। घिसे टायरों में दौड़ रही है बसे
Laxman Singh Bisht
Wed, Aug 5, 2026
लोहाघाट डिपो में बसों की कमी के साथ-साथ अब टायरों की भी हुई कमी तीन बसें खड़ी। घिसे टायरों में दौड़ रही है बसे

बदहाली के दौर से गुजरता उत्तराखंड परिवहन निगम का लोहाघाट डिपो जनता परेशान।
सरकार व परिवहन निगम की उदासीनता का खामियाजा झेल रही है जनता।

घिसे हुए टायरों में बस दौड़ा कर यात्रियों की जान से किया जा रहा है खिलवाड़ जनप्रतिनिधि हुए खामोश। परिवहन निगम के अधिकारी बने मूक दर्शक

उत्तराखंड परिवहन निगम का लोहाघाट डिपो वर्तमान में सबसे अधिक बदहाली के दौर से गुजर रहा है। सरकार की उदासीनता व परिवहन निगम के अधिकारियों की अनदेखी के चलते आज डिपो की हालत काफी बदतर हो चुकी है। डिपो में जहां बसो की भारी कमी के चलते कई रूटों की बस सेवाएं बंद हो चुकी है तो वहीं अब डिपो में बसो की कमी के साथ-साथ बसो के टायरों की कमी हो चुकी है। टायरों की कमी के चलते दिल्ली चलने वाली दो बसे तथा बरेली चलने वाली एक बस वर्कशॉप पर खड़ी हो गई है।अगर बसो के लिए जल्द टायर उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं तो डिपो की कई अन्य बसों के भी खड़े होने की संभावना बनी हुई है। दिल्ली व बरेली जैसे महत्वपूर्ण रूटों की बसों के खड़े होने से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मामले में क्षेत्रीय लोगों ने काफी गहरी नाराजगी सरकार व परिवहन निगम के खिलाफ जताई है। लोगों ने कहा सरकार व परिवहन निगम की बेरुखी के चलते आज लोहाघाट डिपो बदहाल हालात में पहुंच चुका है ।बसो की कमी के साथ-साथ अब टायरों की कमी जनता के लिए मुसीबत बन रही है। दिल्ली व देहरादून रोड पर जो बसें चलाई जा रही हैं उनमें से भी अधिकांश बसों के टायर घिस चुके हैं।उत्तराखंड परिवहन निगम यात्रियों व चालक परिचालकों की जान के साथ खिलवाड़ करता नजर आ रहा है। लोगों ने सरकार व परिवहन निगम से जल्द से जल्द नई बसे व बसो के टायर उपलब्ध कराने की मांग की है। क्षेत्रीय जनता ने कहा कोई भी जनप्रतिनिधि इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है ना कोई जनहित के इस महत्वपूर्ण मुद्दे को उठा रहा है। बसो की कमी के चलते चालक परिचालकों की रोजी-रोटी भी प्रभावित हो रही है। जिंदगी और ना तो शासन ध्यान दे रहा है और ना प्रशासन। बसो के घिसे हुए टायर यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ करते नजर आ रहे हैं। जिनसे कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। चालक परिचालकों का कहना उन्हें मजबूरी में घिसे हुए टायरों के साथ ही लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। जमशेद दुर्घटनाओं की संभावना बनी हुई है चालक परिचालकों का कहना अगर जल्द बसों को नए टायर उपलब्ध नहीं कराए गए तो कई बसे वर्कशॉप में खड़ी नजर आएंगी। पर रोडवेज के अधिकारी मूक दर्शक बने हुए बैठे हैं।