: लोहाघाट:सीएम की घोषणा के बाद भी सड़क न बनने से आक्रोशित सील गांव के ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का किया ऐलान
Laxman Singh Bisht
Sat, Mar 16, 2024
सीएम की घोषणा के बाद भी सड़क न बनने से आक्रोशित सील गांव के ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का किया ऐलान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा लगभग 3 साल पहले देवीधूरा मे सुतेरा से सील गांव तक सड़क निर्माण की घोषणा करी गई थी जो सिर्फ घोषणा ही रह गई है जिस कारण सील गांव के ग्रामीणों में काफी आक्रोश है क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता रमेश सिंह ने बताया मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी सड़क निर्माण कार्य नहीं कराया गया ग्रामीण सरकारी कार्यालयो के धक्के खाते-खाते थक चुके हैं सीएम से लेकर डीएम के दरबार में गुहार लगा चुके हैं पर सुनने वाला कोई नहीं आज भी ग्रामीण सड़क तक पहुंचाने के लिए 8 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पैदल पार करने को मजबूर है
पर अधिकारियों को उनकी कोई परवाह नहीं है वही सील गांव के बुजुर्ग दिवान सिंह ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा गांव में सड़क न होने का खामियाजा उन्हें अपने 10 वर्षीय पोते की जान देकर चुकाना पड़ा समय से इलाज न मिलने के कारण उसकी असमय मौत हो गई क्योंकि सड़क तक मरीज को लाने के लिए ग्रामीणों को 8 किलोमीटर की दूरी डोली के सहारे पैदल नापनी पड़ती है जिसमें काफी ज्यादा समय बर्बाद होता है गांव के कई मरीज इस कारण अपनी जान गवा चुके हैं वही रमेश ने बताया अधिकारी सड़क निर्माण कार्य की बात पर अपने ऑफिसो के चक्कर कटवा रहे हैं
पर सड़क निर्माण का कार्य सीएम की घोषणा के 3 साल बाद भी शुरू नहीं हो पाया रमेश सिंह ने बताया इस बार समस्त ग्रामीणों ने अपने चुनाव बूथ में लोकसभा चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया है तथा किसी भी प्रत्याशी व अधिकारी को गांव में न घुसने दिया जाएगा उन्होंने कहा जब अधिकारी मुख्यमंत्री की नहीं सुन रहे तो उनकी कहां सुनेंगे ग्रामीणों ने कहा जब वे लोग सरकार चुनने में अपना सहयोग करते हैं और उन्हें सड़क जैसी मूलभूत सुविधा नहीं मिल रही है तो ऐसी सरकार चुनकर उन्हें क्या फायदा इसलिए वे लोग इस बार चुनाव बहिष्कार करने जा रहे हैं वही अधिकारी लोग सड़क निर्माण कार्य में आपत्ति लगने की बात करते नजर आ रहे हैं और सील गांव के बच्चे 5 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर अपने स्कूल पहुंच रहे हैं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा लगभग 3 साल पहले देवीधूरा मे सुतेरा से सील गांव तक सड़क निर्माण की घोषणा करी गई थी जो सिर्फ घोषणा ही रह गई है जिस कारण सील गांव के ग्रामीणों में काफी आक्रोश है क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता रमेश सिंह ने बताया मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी सड़क निर्माण कार्य नहीं कराया गया ग्रामीण सरकारी कार्यालयो के धक्के खाते-खाते थक चुके हैं सीएम से लेकर डीएम के दरबार में गुहार लगा चुके हैं पर सुनने वाला कोई नहीं आज भी ग्रामीण सड़क तक पहुंचाने के लिए 8 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पैदल पार करने को मजबूर है
पर अधिकारियों को उनकी कोई परवाह नहीं है वही सील गांव के बुजुर्ग दिवान सिंह ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा गांव में सड़क न होने का खामियाजा उन्हें अपने 10 वर्षीय पोते की जान देकर चुकाना पड़ा समय से इलाज न मिलने के कारण उसकी असमय मौत हो गई क्योंकि सड़क तक मरीज को लाने के लिए ग्रामीणों को 8 किलोमीटर की दूरी डोली के सहारे पैदल नापनी पड़ती है जिसमें काफी ज्यादा समय बर्बाद होता है गांव के कई मरीज इस कारण अपनी जान गवा चुके हैं वही रमेश ने बताया अधिकारी सड़क निर्माण कार्य की बात पर अपने ऑफिसो के चक्कर कटवा रहे हैं
पर सड़क निर्माण का कार्य सीएम की घोषणा के 3 साल बाद भी शुरू नहीं हो पाया रमेश सिंह ने बताया इस बार समस्त ग्रामीणों ने अपने चुनाव बूथ में लोकसभा चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया है तथा किसी भी प्रत्याशी व अधिकारी को गांव में न घुसने दिया जाएगा उन्होंने कहा जब अधिकारी मुख्यमंत्री की नहीं सुन रहे तो उनकी कहां सुनेंगे ग्रामीणों ने कहा जब वे लोग सरकार चुनने में अपना सहयोग करते हैं और उन्हें सड़क जैसी मूलभूत सुविधा नहीं मिल रही है तो ऐसी सरकार चुनकर उन्हें क्या फायदा इसलिए वे लोग इस बार चुनाव बहिष्कार करने जा रहे हैं वही अधिकारी लोग सड़क निर्माण कार्य में आपत्ति लगने की बात करते नजर आ रहे हैं और सील गांव के बच्चे 5 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर अपने स्कूल पहुंच रहे हैं