Saturday 11th of July 2026

ब्रेकिंग

बाराकोट:संतोला में 4 घंटे बाद खुला एनएच यात्रियों ने ली राहत की सांस। दोपहर 2:30 बजे से मलवे में दबा था कैंटर।

चमोली:अस्पताल मे दीवार के मलबे की चपेट में आने से चिकित्सा अधीक्षक की मौत

चंपावत:एमडी यूपीसीएल ने किया चम्पावत का भ्रमण, विद्युत व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण के निर्देश

लोहाघाट:डीएम के निर्देश पर चामी-लीधू-काकड़ी मोटर मार्ग पर सरफेस ड्रेसिंग का कार्य पूरा जल्द शुरू होगा डामरीकरण

चंपावत:घटकू मंदिर के समीप सड़क दुर्घटना की डीएम ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

सूचना

रिपोर्ट:जगदीश जोशी 👹👹 : बाराकोट:जीजीआईसी काकड़ में शिक्षकों की तैनाती की उठी मांग। लंबे समय से पद खाली। छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित।

Laxman Singh Bisht

Sat, Apr 26, 2025

जीजीआईसी काकड़ में शिक्षकों की तैनाती की उठी मांग। लंबे समय से पद खाली। छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित।सरकार एक और दावे करती है कि उन्होंने सरकारी विद्यालयो की दशा सुधारी है। सरकार के दावों में कितनी सच्चाई है इसका उदाहरण चंपावत जिले के बाराकोट विकासखंड का एक मात्र बालिका विद्यालय मे देखने को मिल सकता है l लंबे समय से विद्यालय में शिक्षकों की कमी चल रही है जिस कारण विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं की पढ़ाई काफी प्रभावित हो रही है। जेस्ट प्रमुख नंदा बल्लभ बगौली ने जानकारी देते हुए बताया राजकीय बालिका इंटर कालेज काकड़ में 6 प्रवक्ता के पद लंबे समय से खाली हैं। विकासखंड का एक मात्र बालिका विद्यालय हैं काकड़ जिसमें कई दूर दूर से बालिकाएं पढ़ने आतीं हैं । ज्येष्ठ प्रमुख नंदा बल्लभ बगौली ने कहा कि एक और जहां सरकार सरकारी विद्यालयों में प्रवेशोत्सव जोर सोर से मना रही हैं और दूसरी और विद्यालयों में मुख्य विषयों के शिक्षक तक नहीं नहीं हैं। उन्होंने बताया कि विकासखंड के राजकीय बालिका इंटर कालेज काकड़ में हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र , भूगोल , गणित, भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों में शिक्षक के पद लंबे समय से खाली हैं। और ना ही इनमें अतिथि शिक्षक रखे गए हैं।शिक्षक ना होने से छात्राएं अन्य विद्यालयों में जाने को विवश हैं। ज्येष्ठ प्रमुख नंदा बल्लभ बगौली और समस्त अभिभावकों ने जल्द ही खाली पदों में शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की हैं। तथा मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है। वहीं लोगों का कहना है सरकार विद्यालयों की दशा सुधारने के दावे तो करती है पर अभी भी चंपावत जिले के कई विद्यालय ऐसे हैं जहां प्रधानाचार्य व शिक्षकों की भारी कमी चल रही है जिस कारण लोगों का मोह सरकारी स्कूलों से भंग होता जा रहा है ।कहा यह सरकारी विद्यालयो में छात्र संख्या कम होने का प्रमुख कारण है।

जरूरी खबरें