Tuesday 28th of July 2026

ब्रेकिंग

चंपावत:जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने लोगों को निशुल्क अधिवक्ता प्रदान करने की दी जानकारी

लोहाघाट:नशा नहीं खेल चुनो थीम पर झूमाधुरी सीजन 6 फुटबॉल प्रतियोगिता जारी।

लोहाघाट:युवा पवन ने टनकपुर से 120 किलोमीटर दौड़कर कर शारदा का जल चढ़ाया हरेश्वर महादेव में।

लोहाघाट: कलश यात्रा के साथ मां अखिलतारिणी मेले का 28 जुलाई को होगा शुभारंभ 29 को होगा मुख्य मेला।

लोहाघाट:गुरुकुलम एकेडमी में छात्र परिषद का गठन, नव-निर्वाचित पदाधिकारियों ने ली नेतृत्व एवं सेवा की शपथ

सूचना

रिपोर्ट: जगदीश जोशी : बाराकोट :पुडेश्वर महादेव मंदिर में शिवरात्रि पर सुबह से ही भक्तों का लगा रहा ताता।

Laxman Singh Bisht

Sun, Feb 15, 2026

बाराकोट पुडेश्वर महादेव मंदिर में शिवरात्रि पर सुबह से ही भक्तों का लगा रहा ताता।चंपावत जिले के बाराकोट के प्रसिद्ध पुडेश्वर महादेव मंदिर मे आज शिवरात्रि के अवसर पर सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ रही दूर-दूर क्षेत्र से लोग महादेव के दर्शनों के लिए पहुंचे। भक्तों ने महादेव की पूजा अर्चना कर महादेव का आशीर्वाद लिया। यह शिवालय 14 ग्राम पंचायत की आस्था का एकमात्र शिव मंदिर है । शिवालय में पूरे वर्ष अखंड ज्योति जलाई जाती है इसमें मुख्य पुजारी गवीनाडा व संतोला के अपनी अपनी पाली में शिवजी की पूजा अर्चना करते हैं मान्यता है कि पुडेश्वर महादेव मंदिर जो कि 200 वर्षों से भी पहले का बना हुआ है ।जिसमें आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा एक रात रात्रि विश्राम भी किया गया था। इसके बाद शंकराचार्य यहां से रामेश्वर घाट होते हुए जागेश्वर मंदिर को प्रस्थान कर गए ।यह भी मान्यता है है कि जिस व्यक्ति को कालसर्प दोष होता है यहां पर उसकी पूजा अर्चना कर निवारण भी किया जाता है। शिवरात्रि के दिन यहां भव्य मेला भी लगता है व रात्रि में भजन कीर्तन व महिलाओं द्वारा रात भर जागरण कर अपनी अपनी मन्नत मांगने का भी विधान है जो कि आज तक पूरी होती आई है पुडेश्वर महादेव मंदिर में साधु संत नहीं टिकते हैं वैसे ही साधु संत टिकते हैं जो पूर्ण रूप से सात्विक व धर्म कर्म के ज्ञाता होते हैं ।उक्त स्थान पर पहले छोटे बच्चों की असमय मृत्यु हो जाने पर पूरे क्षेत्रवासी उनका अंतिम संस्कार भी यहां करते थे लेकिन अब विज्ञान के विकसित होने पर बच्चों की मृत्यु दरों में काफी गिरावट से अब यहां बहुत कम या ना के बराबर हैं ।उक्त मंदिर एन एच 09 के करीब 200 मीटर नीचे पुडेश्वर नदी के तट पर स्थित है, जो कि पूरे क्षेत्र वासियों का आस्था व श्रद्धा का केंद्र है।

जरूरी खबरें