रिपोर्ट:जगदीश जोशी : बाराकोट:जीआईसी मऊ में धूमधाम से हुआ कुमाऊनी भाषा कक्षा का समापन
Laxman Singh Bisht
जीआईसी मऊ में धूमधाम से हुआ कुमाऊनी भाषा कक्षा का समापन

मऊ, बाराकोट (चम्पावत)। उत्तराखंड लोक भाषा साहित्य मंच, दिल्ली के तत्वावधान में संचालित उत्तराखंडी गढ़वाली, कुमाउनी एवं जौनसारी भाषाओं की ग्रीष्मकालीन शिक्षण कक्षाएं-2026 के तहत राजकीय इण्टर कालेज मऊ केंद्र में चल रही कुमाउनी भाषा कक्षा का समापन आज दिनांक 5 अगस्त 2026को बच्चों की सुंदर कुमाउनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ।24 मई 2026 से रविवार एवं सार्वजनिक अवकाश के दिनों में संचालित इन कक्षाओं में बच्चों को कुमाउनी भाषा एवं उत्तराखंड की लोक-संस्कृति से जुड़ी विभिन्न जानकारियां दी गई। केंद्र प्रमुख ऋतेश कुमार वर्मा व नवीन चन्द्र जोशी एवं सहयोगी कुमाउनी भाषा शिक्षक रीतू गोस्वामी, अंजू फर्त्याल ,जनार्दन प्रसाद ,स्निग्धा कन्याल ने बच्चों को अपनी मातृभाषा ‘दुदबोलि कुमाउनी’ का घरों में अधिक से अधिक प्रयोग करने तथा इसे अपनी पहचान के रुप में संरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया।

कक्षाओं के दौरान बच्चों को कुमाउनी भाषा में स्व-परिचय, रिश्ते-नाते, कहानी, कविता, नाटक, कहावत, किस्से एवं पहेली (आँण) के साथ ही उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला, घुघुतिया एवं घी संक्रांति, लोकगीत, लोकगायक, साहित्य-संस्कृति, खानपान, प्रमुख फसलें, कृषि उपज, कुमाउनी साहित्यकार, पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य कर रहे प्रमुख व्यक्तित्व तथा उत्तराखंड में लगने वाले विभिन्न मेलों के बारे में जानकारी दी गई।दो तरफा संवाद एवं गतिविधियों के माध्यम से संचालित इन कक्षाओं में बच्चों में अपनी मातृभाषा के प्रति लगाव, जुड़ाव एवं प्रेम स्पष्ट रुप से दिखाई दिया। कुमाउनी भाषा कक्षा में 45 से अधिक बच्चों ने प्रतिभाग किया। इनमें अंशिका, सीमा, अमन, दिव्यांशु, लक्की, कोमल, काजल, राकेश, शिवानी, दीपक, तनुज, जानवी, मानवी सहित अन्य बच्चों ने सक्रिय भागीदारी की।समापन अवसर पर लोक भाषा साहित्य मंच की ओर से सभी प्रतिभागी बच्चों को बैग, पेन, पैड एवं पहचान पत्र प्रदान किए गए।

सहयोगी शिक्षक अंजू फर्त्याल ने समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों से अपने घरों में मातृभाषा कुमाउनी में अधिक से अधिक बोलचाल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कुमाउनी सिर्फ हमारी मातृभाषा ही नहीं, बल्कि हमारी पहचान है। हम सभी को अपनी मातृभाषा ‘दुदबोलि’ पर गर्व होना चाहिए।
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