Monday 2nd of March 2026

ब्रेकिंग

चंपावत:आरटीई के तहत निजी विद्यालयो में ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत होंगे प्रवेश। जाने नियम

चंपावत:यूकेडी जिला प्रभारी बनने पर प्रहलाद मेहता का भव्य स्वागत

चंपावत:बनाग्नि सीजन को देखते हुए बन कर्मियों की छुट्टी पर लगी रोक। डीएफओ ने आदेश किए जारी।

लोहाघाट:भरते दी जो राज कैकई राम चले बन से बन से बन को:गल्लागांव मे होली की धूम

लोहाघाट:झूमांधुरी के जंगलों में फिर भड़की आग। बन कर्मी मौके पर।

रिपोर्ट :लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:बनाग्नि सीजन को देखते हुए बन कर्मियों की छुट्टी पर लगी रोक। डीएफओ ने आदेश किए जारी।

Laxman Singh Bisht

Mon, Mar 2, 2026

बनाग्नि सीजन को देखते हुए बन कर्मियों की छुट्टी पर लगी रोक। डीएफओ ने आदेश किए जारी।

जंगलों में आग लगने वाले अराजक तत्वों पर पुलिस के सहयोग से वन विभाग करेगा कड़ी कार्यवाही।

15 फरवरी 2026 से बनाग्नि सत्र प्रारंभ हो गया है । जंगलों मे आग की रोकथाम के लिए आज 2 मार्च को डीएफओ चंपावत ने आदेश जारी करते हुए चंपावत जिले के समस्त वन क्षेत्र अधिकारियों को निर्देशित किया है कि बनाग्नि सत्र 2026 में विशेष परिस्थितियों को छोड़कर किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का अवकाश स्वीकृत न किया जाए।बनाग्नि सत्र की अवधि में समस्त अधिकारी अपने अपने मुख्यालय में उपस्थित रहकर बनाग्नि घटनाओं के नियंत्रण व प्रबंधन की कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे ।यदि किसी अधिकारी को अपरिहार्य कारणों से मुख्यालय से बाहर जाना है तो अधो हस्ताक्षरी से पूर्वानुमति प्राप्त करने के उपरांत ही मुख्यालय छोड़ेंगे। एफएसआई से प्राप्त फायर अलर्ट्स ,लार्ज फॉरेस्ट फायर अलर्ट्स का तत्काल स्थल भौतिक सत्यापन करते हुए एक्शन टेकन रिपोर्ट, फीडबैक समयानतर्गत एप के माध्यम से प्रेषित किया जाए। पुलिस थाना ,राजस्व उप निरीक्षक ,ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ,ग्राम प्रधान ,पंचायत सरपंच ,ग्राम प्रहरी ,बन बीट अधिकारी के परस्पर तालमेल व सहयोग से औण ,आड़ा व केड़ा जलाने की कार्रवाई पूरी की जाए ।31 मार्च के बाद केड़ा जलाने की अनुमति विशेष परिस्थितियों में दी जाए ।इस हेतु उक्त विभागों के अधिकारियों से समन्वय स्थापित करना सुनिश्चित किया जाए। बनाग्नि सत्र के दौरान प्रत्येक क्रू स्टेशन पर क्रू टीमों को आवश्यक उपकरण सामग्री सहित 24 घंटे तैनात करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। तथा वन क्षेत्र में जानबूझकर आग लगाने, बनाग्नि घटना में शामिल शरारती तत्वों को चिन्हित करते हुए उनके विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत मामला पंजीकृत करते हुए कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए इस हेतु पुलिस विभाग का भी पूर्ण सहयोग लिया जाए।

जरूरी खबरें