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रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:देवीधुरा में वन दरोगा पर हमला थाने पहुंचा मामला आरोपियों पर मुकदमा दर्ज।

Laxman Singh Bisht

Thu, Jul 23, 2026

देवीधुरा में वन दरोगा पर हमला थाने पहुंचा मामला आरोपियों पर मुकदमा दर्ज।

दूसरे पक्ष ने आरोपों को नकारा

चम्पावत : चम्पावत जिले के देवीधुरा वन विभाग के दरोगा और कुछ स्थानीय युवकों के बीच विवाद का मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है । वन दरोगा पवन माहरा की ओर से दर्ज कराई गई प्रथम सूचना रिपोर्ट में अनुज राणा और आयुष राणा सहित अन्य 8-10 अज्ञात लोगों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने , कर्मचारियों को धमकाने , सरकारी वाहन रोकने और मोबाइल फोन छीनने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं । मामले मे दूसरे पक्ष ने आरोपों को नकारा है । वन दरोगा पवन माहरा द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार , 22 जुलाई 2026 को वन विभाग देवीधुरा की टीम नियमित गश्त पर थी । इसी दौरान दो व्यक्तियों को सड़क किनारे पत्थर तोड़ते हुए देखा गया । शिकायत में कहा गया है कि टीम ने उन्हें वहां से हटने के लिए कहा , जिसके बाद विवाद शुरू हो गया । शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ देर बाद कुछ युवक देवीधुरा वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय पहुंचे और कर्मचारियों को धमकाने लगे । इसके बाद शाम के समय जब वन विभाग की टीम दोबारा क्षेत्र में पहुंची तो विवाद और बढ़ गया । पुलिस की दी गई तहरीर के मुताबिक , शिकायतकर्ता दरोगा पवन माहरा ने आरोप लगाया है कि आयुष राणा , अनुज राणा और 8-10 अज्ञात लोगों ने मोटरसाइकिल लगाकर सरकारी वाहन का रास्ता रोकने का प्रयास किया । इतना ही नहीं , सरकारी वाहन के शीशे तोड़ने की भी कोशिश की गई । चालक ने किसी तरह वाहन को वहां से आगे निकाल लिया ।वन विभाग की ओर से दर्ज शिकायत में यह भी आरोप है कि बाद में 8 से 10 लोगों ने सरकारी वाहन को घेर लिया , शिकायतकर्ता को वाहन से बाहर निकालने का प्रयास किया और उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया । शिकायत में जान-माल के खतरे की आशंका जताते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की गई है ।पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच की जिम्मेदारी उप निरीक्षक ममता कुटियाल को सौंप दी गई है । अब पुलिस सभी पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी । दूसरे पक्ष से उनका पक्ष जानने के लिए जब फोन संपर्क किया , तो मामले में दूसरे पक्ष ने इन आरोपों को झूठा बताया । दूसरे पक्ष ने न सिर्फ आरोपों को नकारा है , बल्कि वन दरोगा पर गंभीर आरोप लगाए हैं । उनका कहना है , पहले वन दरोगा ने उनकी बाइक को टक्कर मारी फिर उनसे उलझते हुए उनके साथ मारपीट की । उन्होंने बताया दरोगा ने मारपीट की , गला दबाया और भविष्य खराब करने की धमकी भी दी । हालांकि , इन आरोपों में कितनी सत्यता है ये पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी ।अगर आरोप सच निकले तो मामला गंभीर है । अगर वन दरोगा के आरोप सच निकलते हैं , तो सरकारी कर्मचारियों पर हमला या सरकारी कार्य में बाधा डालना गंभीर मामला है । ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है , ताकि कर्मचारी निर्भीक होकर अपने दायित्व निभा सकें । यदि ऐसी घटनाओं पर समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए , तो तस्करों और अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल तत्वों का मनोबल बढ़ने का खतरा रहेगा । अगर , युवाओं द्वारा वन दरोगा पर मारपीट , गला दबाने , भविष्य खराब करने की धमकी के आरोपों में सच निकले तो ये मामला और भी गंभीर बन जाएगा , फिलहाल जांच जारी है । इस मामले में जानकारी देते हुए थानाध्यक्ष पाटी रमेश चंद्र बेलवाल ने बताया कि , बीएनएस की धारों में मुकदमा दर्ज किया गया है और जांच उपनिरीक्षक ममता कुटियाल को सौंपी गई है ।

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