रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:भिंगराड़ा में बंद पड़ी आईटीआई को खोलने की मांग तकनीकी शिक्षा से महरूम छात्र
Laxman Singh Bisht
Thu, Jun 18, 2026
भिंगराड़ा में बंद पड़ी आईटीआई को खोलने की मांग तकनीकी शिक्षा से महरूम छात्र
भूमि और भवन की उपलब्धता के बावजूद अटका मामला
पूर्व विधायक फर्त्याल की पहल पर मंत्री ने आईंटीआई संचालित करने का दिया आश्वासन युवाओं को आदेश का इंतजार।

चंपावत जिले के पाटी ब्लाक के भिंगराड़ा में बंद पड़ी आईटीआई को फिर से संचालित किए जाने की मांग जोर पकड़ रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और युवाओं का कहना है कि क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा के अभाव के कारण युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों का रुख करना पड़ रहा है। ऐसे में आईटीआई का पुनः संचालन क्षेत्र के विकास और युवाओं के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। जानकारी के अनुसार भिंगराड़ा में आईटीआई के संचालन को लेकर आवश्यक भूमि और भवन का चयन भी किया जा चुका है तथा इस संबंध में जिला प्रशासन के समक्ष क्षेत्र की आवश्यकता को प्रमुखता से उठाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सभी बुनियादी व्यवस्थाएं उपलब्ध होने के बावजूद संस्थान को पुनः खोलने की दिशा में अभी तक कोई ठोस प्रशासनिक आदेश जारी नहीं हो पाया है।क्षेत्रवासियों का मानना है कि आईटीआई खुलने से स्थानीय युवाओं को इलेक्ट्रीशियन, फिटर, कोपा, मैकेनिक, प्लंबर सहित विभिन्न तकनीकी ट्रेडों में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे युवाओं को स्वरोजगार और सरकारी नौकरियों व प्राइवेट सेक्टर के लिए बेहतर तैयारी का मंच भी मिलेगा। साथ ही क्षेत्र में कुशल तकनीकी मानव संसाधन तैयार होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

ग्रामीणों ने बताया इस महत्वपूर्ण विषय को लेकर पूर्व भाजपा विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने तकनीकी शिक्षा मंत्री सौरभ बहुगुणा से वार्ता की थी। उस दौरान मंत्री बहगुणा ने इसी शैक्षणिक सत्र से आईटीआई पुनः संचालित करने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि अब तक इस संबंध में कोई स्पष्ट शासनादेश या औपचारिक आदेश सामने नहीं आया है।स्थानीय युवाओं और अभिभावकों का कहना है कि यदि भिंगराड़ा में आईटीआई पुनः शुरू होती है तो इससे न केवल क्षेत्र के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा, बल्कि पलायन रोकने और रोजगार के अवसर बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। अब सभी की निगाहें शासन और तकनीकी शिक्षा विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं।