रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:डिप्लोमा इंजीनियरों का आंदोलन 16वें दिन भी जारी, कांग्रेस का मिला समर्थन
Laxman Singh Bisht
Tue, Apr 7, 2026
डिप्लोमा इंजीनियरों का आंदोलन 16वें दिन भी जारी, कांग्रेस का मिला समर्थन
सरकार की अनदेखी से बढ़ा आक्रोश। विकास कार्य हुए प्रभावित।
27 सूत्रीय मांगों को लेकर उग्र हुआ आंदोलन, जल निगम व जल संस्थान के इंजीनियर भी हुए शामिल।
चम्पावत। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ द्वारा अपनी 27 सूत्रीय मांगों को लेकर 23 मार्च से शुरू किया गया आंदोलन आज मंगलवार को 16वें दिन भी जारी है। सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस पहल न होने के चलते इंजीनियरों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेता जा रहा है। आंदोलन के चलते जनपद में विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। पहले से आंदोलनरत विभागों सिंचाई, लोक निर्माण विभाग, लघु सिंचाई, ग्रामीण निर्माण, जिला पंचायत, आवास विकास एवं उरेडा के साथ अब जल निगम और जल संस्थान के डिप्लोमा इंजीनियर भी इस आंदोलन में कूद पड़े हैं, जिससे आंदोलन को और व्यापक समर्थन मिल रहा है। तो वही आज डिप्लोमा इंजीनियर्स के आंदोलन को कांग्रेस ने भी अपना समर्थन दे दिया है। आज कांग्रेस जिला अध्यक्ष चिराग फर्त्याल लोहाघाट के एनक्सी भवन में धरना स्थल मे पहुंचे और डिप्लोमा इंजीनियर्स की मांग को उचित बताते हुए अपना समर्थन दिया।

कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा कांग्रेस डिप्लोमा इंजीनियर्स के साथ भाजपा शासन में जनता को कर्मचारी सभी परेशान हैं। पर भाजपा सरकार सुनने को तैयार नहीं है।महासंघ के अध्यक्ष गोपाल कालाकोटी के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन को आम नागरिकों का भी समर्थन मिलने लगा है। धरना स्थल पर रोजाना जोरदार नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया जा रहा है। आयोजित सभा महासंघ अध्यक्ष गोपाल कालाकोटी की अध्यक्षता तथा प्रबुद्ध शर्मा के संचालन में संपन्न हुई। सभा में प्रेम प्रकाश, देवेश कुमार, प्रशांत वर्मा, सुभाष पांडे, सुषमा चौहान, परमानंद पुनेठा और बीसी जोशी सहित कई इंजीनियर मौजूद रहे।वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है

, जिससे आंदोलन और उग्र होता जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। वहीं ठेकेदारों ने भी हड़ताल को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इस आंदोलन के कारण न केवल निर्माण कार्य ठप हो गए हैं, बल्कि श्रमिकों पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है। फिलहाल डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल का सीधा असर जिले में चल रहे और करोड़ों रुपए के विकास कार्यों में पढ़ने लगा है।

