Sunday 26th of July 2026

ब्रेकिंग

लोहाघाट:27वें देवीधार महोत्सव का लोहाघाट विधायक ने किया शुभारंभ। 29 जुलाई को विशाल मेंले का आयोजन

लोहाघाट: पुरानी पेंशन बहाली की मांग शिक्षक व कर्मचारियों की प्रकाश रैली कैंडल मार्च के माध्यम से सरकार को जगाने का प्

लोहाघाट:जनप्रतिनिधियों के निवेदन पर खेतीखान में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान के लिए चल रहा धरना समाप्त।

नीट पेपर लीक मामले में छात्रों के प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।

लोहाघाट मास्टर प्लान 2041 को लेकर लोगों ने दर्ज कराई आपत्ति जताया विरोध।

सूचना

रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:संदेह का लाभ देते हुए अदालत ने चरस तस्करी के दो आरोपियों को किया बरी 3 किलो 72 ग्राम चरस हुई थी बरामद।

Laxman Singh Bisht

Sun, Dec 28, 2025

संदेह का लाभ देते हुए अदालत ने चरस तस्करी के दो आरोपियों को किया बरी 3 किलो 72 ग्राम चरस हुई थी बरामद।

जिला सत्र न्यायाधीश चंपावत अनुज कुमार संगल की अदालत ने चरस तस्करी के दो आरोपियों राजेंद्र सिंह बोरा उर्फ राजू निवासी चौड़ा ख्याली चंपावत तथा ज्ञान सिंह राणा निवासी कुटरी खटीमा को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। मामला 2 नवंबर 2020 का है। टनकपुर पुलिस ने चेकिंग के दौरान नंदौर टनकपुर हल्द्वानी वन मार्ग पर गस्त के दौरान मोटरसाइकिल सवार राजेंद्र सिंह बोरा उर्फ राजू तथा ज्ञान सिंह राणा की तलाशी लेने के दौरान उनके पास से 3 किलो 72 ग्राम चरस बरामद कर एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया था। इसके बाद मामला चंपावत जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत में पहुंचा। आरोपी ज्ञान सिंह राणा की ओर से विद्वान अधिवक्ता राम सिंह बिष्ट के द्वारा पैरवी की गई तथा राजेंद्र सिंह बोरा उर्फ राजू की ओर से विद्वान अधिवक्ता जी 0सी0 उप्रेती के द्वारा पैरवी की गई। दोनों आरोपियों ने अदालत में बयान दिए कि पुलिस ने उनके पास से कोई चरस बरामद नहीं की राजेंद्र बोरा का कहना था पुलिस उसे उसके मामा के घर खटीमा से उठाकर लाइ तथा ज्ञान सिंह राणा ने भी कहा पुलिस उसे उसके घर से उठाकर लेकर आई वह दिव्यांग है। विद्वान न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओ की दलीलें को सुना तथा दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। जिला सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार सिंह संगल ने अपने आदेश में कहा उपरोक्त समस्त विवेचन से यह न्यायालय इस निष्कर्ष पर पहुंचता है कि अभियोजन अभियुक्त गण राजेंद्र सिंह उर्फ राजू व ज्ञान सिंह राणा के विरुद्ध उनसे 3 किलो 72 ग्राम चरस बरामद के तथ्य को युक्ति युक्त संदेश से परे साबित करने में सफल नहीं रहा है। अतः अभियुक्त गण राजेंद्र सिंह उर्फ राजू व ज्ञान सिंह राणा को संदेह का लाभ पाए हुए धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत विरचित आरोप से दोष मुक्त किया जाता है।

जरूरी खबरें