रिपोर्ट:दीपक शर्मा : चंपावत:लधीया घाटी क्षेत्र वासियों की डीएम से डिग्री कॉलेज भवन निर्माण के लिए भूमि सर्वेक्षण की मांग।
लधीया घाटी क्षेत्र वासियों की डीएम से डिग्री कॉलेज भवन निर्माण के लिए भूमि सर्वेक्षण की मांग।
चंपावत जिले की लधीया घाटी क्षेत्र की जनता लंबे समय से डिग्री कॉलेज की मांग कर रही है। ग्रामीणों का कहना है घाटी क्षेत्र में निलोटी से मीनार डांडा , वेला खटोली के मध्य उच्च शिक्षा के कोई भी साधन नहीं है ।जिस कारण क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए कई किलोमीटर दूर दूसरे महा विद्यालयों की शरण लेनी पड़ती है। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर जोशी (गुरुजी) व ग्रामीणों ने बताया गत पंचवर्षीय सरकार के द्वारा लधीया घाटी क्षेत्र में डिग्री कॉलेज खोलने की घोषणा की गई थी। किंतु उपयुक्त भूमि न मिलने के कारण 7 वर्ष तक इंतजार करते-करते कई छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित रह गए ।उन्होंने बताया दो माह पूर्व जिला अधिकारी के आदेश के तहत कुलियाल गांव के खाल बगड़ तोक में भूमि चयन हेतु सर्वेक्षण किया गया था। किंतु यह भूमि लधीया नदी से मात्र 50 मीटर की दूरी पर है ।कहा सन 1993 में अतिवृष्टि से नदी ने अपना रुख बदल दिया था अतः यह भूमि दुर्घटना संभावित। चंद्रशेखर जोशी (गुरुजी )व ग्रामीणों ने जिला अधिकारी चंपावत से मांग करते हुए कहा भींगराड़ा के गड़यूड़ा में प्रयुक्त भूमि को सभी भूस्वामियों के द्वारा महाविद्यालय के लिए भूमि दान देने का वचन दिया है ।जिसके लिए आपको 19 नवंबर 2025 को प्रार्थना पत्र दिया गया था। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इस भूमि का निरीक्षण एवं सर्वेक्षण कराने की मांग की है ताकि महाविद्यालय के भवन का निर्माण जल्द से जल्द हो सके । मांग करने में शिवदत्त,श्याम राम ,गंगाराम ,हरिमोहन ,नित्यानंद , पुष्कर सिंह ,शीला देवी ,जानकी देवी ,राकेश कुमार सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।