रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:कलश संगीत कला समिति की वार्षिक संगीत प्रतियोगिता में प्रतिभाओं ने बिखेरा सुरों का जादू
Laxman Singh Bisht
Sun, Jun 21, 2026
कलश संगीत कला समिति की वार्षिक संगीत प्रतियोगिता में प्रतिभाओं ने बिखेरा सुरों का जादू

चम्पावत, 21 जून। कलश संगीत कला समिति, चम्पावत के तत्वावधान में आयोजित वार्षिक संगीत प्रतियोगिता के द्वितीय दिवस का आयोजन उत्साह, उमंग एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। संगीत साधना और प्रतिभा के इस उत्सव में जनपद सहित आसपास के क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी चम्पावत श्री मनीष कुमार रहे। उन्होंने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि संगीत मानव जीवन को संवेदनशीलता, अनुशासन और संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। इस प्रकार के आयोजन युवाओं और बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर प्रदान करते हैं तथा भारतीय संगीत परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कलश संगीत कला समिति द्वारा क्षेत्र में संगीत एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि समिति स्थानीय प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने का सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजनों के लिए प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग एवं सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में रोहित बिष्ट, निदेशक कुमाऊँ मंडल विकास निगम, डॉ. मनीषा, विकास साह (अध्यक्ष व्यापार संघ), रेखा भट्ट (ग्राम प्रधान अमकड़िया), प्रेमा चिलकोटी (सभासद), डॉ. सतीश पांडेय (प्रदेश महामंत्री, फार्मासिस्ट एसोसिएशन), सतीश चंद्र जोशी, पवन गिरी, बंशीधर थ्वाल, राजू पंत, विनीता अधिकारी, तारा दत्त पांडे, सुरेश चंद्र तिवारी, नरेश जोशी (पूर्व सभासद) तथा जीवन कलखुड़िया उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने प्रतियोगिता में भाग ले रहे प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।प्रतियोगिता के द्वितीय दिवस में विभिन्न आयु वर्गों के प्रतिभागियों ने सुगम संगीत, शास्त्रीय गायन एवं शास्त्रीय वादन विधाओं में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों की सुरमयी प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शास्त्रीय संगीत की गंभीरता, वादन की मधुरता तथा सुगम संगीत की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया। निर्णायक मंडल द्वारा प्रतिभागियों का मूल्यांकन स्वर, ताल, लय, प्रस्तुति एवं मंच कौशल के आधार पर किया गया।अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि संगीत केवल कला नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलता है तथा उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और सृजनात्मकता का विकास होता है। उन्होंने कलश संगीत कला समिति के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे जनपद की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।कार्यक्रम का प्रभावी एवं गरिमापूर्ण संचालन डॉ. बी. सी. जोशी द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्य, समिति की गतिविधियों तथा क्षेत्रीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के प्रयासों पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम के सफल आयोजन में कलश संगीत कला समिति के अध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया के नेतृत्व में समिति के सभी सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन को सफल बनाने में प्रेम बल्लभ भट्ट, गिरीश पंत, दिनेश बिष्ट, महेश जोशी, नवीन पंत, जनार्दन चिलकोटी, राजेंद्र गहतोड़ी, सागर मौनी, संतोष पांडेय सहित अन्य सदस्यों का विशेष सहयोग रहा। वहीं युवा स्वयंसेवकों कंचन, हर्षित, ध्रुव तथा आयुष भट्ट ने मंच व्यवस्था, अतिथि सत्कार एवं कार्यक्रम संचालन संबंधी व्यवस्थाओं में सक्रिय योगदान प्रदान किया।अंत में समिति के अध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, निर्णायक मंडल, प्रतिभागियों, अभिभावकों, सहयोगियों एवं समस्त संगीत प्रेमियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य क्षेत्र की संगीत प्रतिभाओं को एक सशक्त मंच प्रदान करना है, जिससे वे अपनी कला को निखारकर बड़े मंचों तक पहुंच सकें। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के सांस्कृतिक एवं संगीत आयोजनों को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों के उत्साहवर्धन के साथ हुआ। प्रतियोगिता के आगामी चरणों को लेकर प्रतिभागियों और संगीत प्रेमियों में विशेष उत्साह देखने को मिला।