Monday 27th of July 2026

ब्रेकिंग

लोहाघाट:संजय बने राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष मनीष संभालेंगे महामंत्री का दायित्व।

रुद्रपुर से अपहरण कर लाई गई युवती से गदरपुर में सामूहिक दुष्कर्म।

लोहाघाट:चामी आषाढी मेले की तैयारी को लेकर बैठक। 24 अगस्त को होगा शुभारंभ 28 अगस्त को विशाल मेला।

लोहाघाट:प्राधिकरण में शामिल किए जाने का पाटन पाटनी में महिलाओं ने किया पुरजोर विरोध

देवीधुरा:सहायक बन कर्मचारी महासंघ की वन दरोगा पर हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग।

सूचना

रिपोर्ट :लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:ग्रामीणों ने लगाया महत्वाकांक्षी घर जल नल योजना में भाष्टाचार का आरोप।

Laxman Singh Bisht

Fri, Jan 23, 2026

.ग्रामीणों ने लगाया महत्वाकांक्षी घर जल नल योजना में भाष्टाचार का आरोप।

विभागीय अधिकारियों से शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्यवाही, गुस्साए लोगों जिलाधिकारी लगाएंगे जांच की गुहार।

करीब एक करोड़ सतहत्तर लाख से भी ज्याद खर्च होने के बावजूद भी प्यासे हैं लोग। चंपावत जिले मे हर घर नल योजना से ग्रामीण इलाको में साफ़ पीने का पानी पहुँचाने के उद्देश्य से पाटी ब्लाक मे बनी बांस-बस्वाड़ी, घिंघारुकोट, जमानटा की योजनाओं पर सरकारी पैसे का खुला विभागीय सह में बन्दर बांट हुई है। विभाग की लापरवाही से स्थानीय लोग तंग आ चुके हैं। एक साल बाद भी आपदा के काम नहीं किए जा रहे हैं, पेयजल लाइनों के सुधार कार्य न होने से लोग परेशान हैं । ग्रामीणों का कहना है कि "घर जल नल" योजना में भारी भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के संदर्भ में कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत किया गया, लेकिन इस पर कार्यवाही होने के बजाय ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया और योजना को कही अन्यत्र से बनाकर एक तोक को ही वंचित कर दिया तो कहीं सूखा टैंक बनाकर विभाग और ठेकेदार ने मिलकर खूब मौज की। इस क्षेत्र की कई योजनाओं को बनाए बगैर ही सूखा टैंक बनकर अधूरी योजना पर ही इतिश्री कर दिया गया है। इतना ही नहीं टैंक नीचे और गांव ऊपर बनाए गए जिससे लोगों को सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। घिंघारुकोट, सांगों, जमनटाक, बसान का भी यही हाल है और योजना अधर में ही लटकी हैं। विभाग तथा ठेकदारों की मिलीभगत का खामियाजा कई स्थानीय लोगों को पानी से बंचित होकर भुगतना पद रहा है। स्थानीय समाज सेवक सुरेश जोशी, नंदू पाण्डेय ने कहा कि योजनाओं में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है और पूरी योजना में पाइप खुले छोड़ दिए गए हैं जिससे लोगों को आने जाने के काफी दिक्कतें हो रही हैं। विभाग द्वारा ठेकेदार को गलत काम के लिए सह देना, शिकायतों को नजर अंदाज करने का ही नतीजा है कि घटिया सामग्री से बना पानी का टैंक एक वर्ष भी नहीं चल सका और अभी से ही लीकेज हो चुका है और योजना से कई लोग आज भी वंचित हैं। गुस्साए लोगों ने जिलाधिकारी से मिलने का मन बनाया है और मामले की जांच करवाने तथा दोषियों पर कार्यवाही करने की मांग की है।

जरूरी खबरें