रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : देवीधुरा:सहायक बन कर्मचारी महासंघ की वन दरोगा पर हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग।
Laxman Singh Bisht
Sun, Jul 26, 2026
सहायक बन कर्मचारी महासंघ की वन दरोगा पर हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग।
तीन दिन के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पाटी थाने में धरने की चेतावनी।
दूसरे पक्ष की भी बन दरोंगा पर कार्यवाही की मांग बन दरोंगा पर लगाए कई गंभीर आरोप। निष्पक्ष जांच की मांग।
चम्पावत जिले के देवीधुरा वन क्षेत्र में वन विभाग के कर्मचारी के साथ कथित मारपीट और लूट की घटना अब बड़ा विवाद बन गई है । एक ओर वन दरोगा पवन सिंह महरा ने स्थानीय युवकों पर सरकारी ड्यूटी के दौरान हमला , मारपीट और मोबाइल लूटने का आरोप लगाते हुए पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया है , वहीं दूसरी ओर आरोपित पक्ष ने भी वन दरोगा पर मारपीट और अभद्रता के आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की है । दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से मामला तूल पकड़ता जा रहा है ।सहायक वन कर्मचारी संघ , चम्पावत शाखा की शनिवार को आयोजित बैठक में घटना की कड़ी निंदा की गई । संघ का कहना है कि 22 जुलाई को वन दरोगा पवन सिंह महरा के साथ सरकारी ड्यूटी के दौरान मारपीट की गई , उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया और अब तक उसकी बरामदगी भी नहीं हुई है । संघ ने आरोप लगाया कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने से कर्मचारियों में भारी नाराजगी है । बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि तीन दिनों के भीतर आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होती , तो वन विभाग के विभिन्न कर्मचारी संगठन संयुक्त रूप से थाना-पाटी में धरना-प्रदर्शन और आंदोलन शुरू करेंगे ।

(दूसरा पक्ष बोला - हमारे साथ हुई मारपीट , निष्पक्ष जांच हो )

उधर , दूसरे पक्ष की ओर से दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि 22 जुलाई को वन विभाग की टीम ने अनूज राणा के साथ मारपीट की । शिकायतकर्ता का कहना है कि बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों के साथ भी कथित रूप से अभद्रता की गई । आरोप है कि विवाद के दौरान मोबाइल भी ले लिया गया । शिकायत में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वन दरोगा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है । दोनों पक्ष आमने-सामने, पुलिस जांच पर टिकी निगाहें घटना को लेकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं । वन कर्मचारी संगठन जहां आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग कर रहा है , वहीं दूसरा पक्ष वन कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई चाहता है । ऐसे में अब पूरे मामले में पुलिस जांच और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं ।