Thursday 28th of May 2026

ब्रेकिंग

खटीमा: धर्मांतरण मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार। ईसाई धर्म अपनाने को देते थे लालच

टनकपुर:परिवहन विभाग की बड़ी कार्यवाही पूर्णागिरि मार्ग पर सघन चेकिंग, 60 वाहनों का चालान 2 गाड़ियां की गईं सीज

पिथौरागढ़:चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़ी सामग्री सोशल मीडिया में शेयर करने पर पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

जंगल में लगा रहे थे आग पुलिस ने किया गिरफ्तार। मुकदमा दर्ज

चम्पावत में रेस्टोरेंट और पिज्जा सेंटर्स पर खाद्य सुरक्षा विभाग का निरीक्षण

सूचना

कुमाऊँ का डिजिटल बाज़ार: अब नौकरी, सेवाएँ, खरीद-बिक्री और मैट्रिमोनियल सब कुछ एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर

उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं की बढ़ती जरूरत को देखते हुए KumaonBazaar.com तेजी से लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। यह एक ऐसा लोकल डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है जहाँ नौकरी, बिज़नेस प्रमोशन, लोकल सेवाएँ, खरीद-बिक्री, पर्यटन और मैट्रिमोनियल जैसी कई सुविधाएँ एक ही जगह उपलब्ध हैं। Website: https://www.kumaonbazaar.com

आज के समय में लोग लोकल स्तर पर भरोसेमंद सेवाएँ और अवसर ढूँढना चाहते हैं। इसी जरूरत को समझते हुए KumaonBazaar.com ने कुमाऊँ के लोगों के लिए एक आसान और उपयोगी ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म तैयार किया है।

युवाओं के लिए रोजगार का नया माध्यम

कुमाऊँ क्षेत्र के युवाओं को अक्सर नौकरी खोजने के लिए बड़े शहरों या कई अलग-अलग वेबसाइट्स पर निर्भर रहना पड़ता है। अब यह समस्या काफी हद तक कम हो सकती है क्योंकि KumaonBazaar Jobs Section पर लोकल और विभिन्न क्षेत्रों की जॉब्स उपलब्ध कराई जा रही हैं। Jobs Link: https://www.kumaonbazaar.com/jobs

यहाँ कंपनियाँ और बिज़नेस अपने जॉब पोस्ट कर सकते हैं, जबकि नौकरी तलाश रहे उम्मीदवार आसानी से आवेदन कर सकते हैं। इससे लोकल टैलेंट को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।

मैट्रिमोनियल सेवा से आसान रिश्ते

आजकल लोग सुरक्षित और भरोसेमंद मैट्रिमोनियल प्लेटफ़ॉर्म की तलाश में रहते हैं। KumaonBazaar Matrimony कुमाऊँ समाज के लोगों के लिए एक विशेष सुविधा लेकर आया है जहाँ परिवार अपनी प्रोफाइल बनाकर रिश्तों की तलाश कर सकते हैं। Matrimony Link: https://www.kumaonbazaar.com/matrimony

यह सेवा खासतौर पर उन परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है जो अपने समाज और क्षेत्र में अच्छे रिश्ते ढूँढना चाहते हैं।

लोकल सेवाओं और बिज़नेस को मिलेगा डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म कुमाऊँ के छोटे व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं के लिए KumaonBazaar Services एक बेहतरीन अवसर बनकर उभर रहा है। Services Link: https://www.kumaonbazaar.com/services

यहाँ इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, टूर सर्विस, एजेंसी, फ्रीलांसर, दुकानदार और अन्य सेवा प्रदाता अपनी सेवाओं को ऑनलाइन प्रमोट कर सकते हैं। इससे लोकल बिज़नेस को डिजिटल पहचान मिलने के साथ-साथ ग्राहकों तक पहुँचने में आसानी होगी। खरीद-बिक्री और लोकल विज्ञापन की सुविधा प्लेटफ़ॉर्म पर Buy & Sell सेक्शन भी उपलब्ध है जहाँ लोग अपने प्रोडक्ट्स या सामान को ऑनलाइन पोस्ट कर सकते हैं। इसके अलावा बिज़नेस प्रमोशन और लोकल विज्ञापनों के लिए भी सुविधा दी जा रही है, जिससे छोटे व्यवसाय कम लागत में अपनी पहुँच बढ़ा सकते हैं। पर्यटन और लोकल जानकारी का भी केंद्र कुमाऊँ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। KumaonBazaar.com पर पर्यटन से जुड़ी जानकारी, होटल, ट्रैवल सेवाएँ और लोकल बिज़नेस की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों को लाभ मिल सकता है। डिजिटल उत्तराखंड की ओर एक कदम डिजिटल इंडिया के दौर में लोकल प्लेटफ़ॉर्म की भूमिका लगातार बढ़ रही है। KumaonBazaar.com कुमाऊँ क्षेत्र के लोगों, युवाओं और व्यापारियों को डिजिटल रूप से जोड़ने का काम कर रहा है। यह प्लेटफ़ॉर्म आने वाले समय में रोजगार, व्यापार और लोकल नेटवर्किंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : चम्पावत में पहली बार ऐसे डीएम देखे, जो जनता से सीधे जुड़े हैं-शशांक पाण्डेय

Laxman Singh Bisht

Tue, Mar 17, 2026

चम्पावत में पहली बार ऐसे डीएम देखे, जो जनता से सीधे जुड़े हैं-शशांक पाण्डेय

उत्तराखण्ड के चम्पावत जनपद में प्रशासनिक कार्यशैली को नई दिशा देने वाले जिलाधिकारी मनीष कुमार का नाम आज आम जनमानस के बीच विश्वास, सादगी और सख़्ती के संतुलित प्रतीक के रूप में उभरकर सामने आया है। एक ओर जहाँ वे आम जनता से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से सुनते हैं, वहीं दूसरी ओर लापरवाह अधिकारियों के प्रति उनका कड़ा रुख यह संदेश देता है कि शासन-प्रशासन में ढिलाई के लिए कोई स्थान नहीं है। उनकी कार्यशैली में न तो पद का घमंड दिखाई देता है और न ही जनता से दूरी; बल्कि वे एक ऐसे प्रशासक के रूप में पहचाने जाते हैं जो ज़मीनी स्तर पर उतरकर समस्याओं का समाधान करना पसंद करते हैं।चम्पावत जैसे पर्वतीय जिले में प्रशासन चलाना अपने आप में चुनौतीपूर्ण होता है, जहाँ भौगोलिक परिस्थितियाँ कठिन हैं और संसाधनों की सीमाएँ भी सामने रहती हैं। ऐसे में मनीष कुमार ने जिस प्रकार से अपनी सक्रियता और संवेदनशीलता का परिचय दिया है, वह प्रशंसनीय है। वे नियमित रूप से जनता दरबार, निरीक्षण और क्षेत्रीय भ्रमण के माध्यम से सीधे लोगों के बीच पहुँचते हैं। आम नागरिकों को यह अनुभव होता है कि उनकी बात सुनी जा रही है और उस पर कार्रवाई भी हो रही है। यही कारण है कि लोग अब अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन के पास जाने में हिचकते नहीं, बल्कि विश्वास के साथ आगे आते हैं।उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे छोटी से छोटी समस्या को भी नज़रअंदाज़ नहीं करते। चाहे वह सड़क की खराब स्थिति हो, पेयजल की समस्या हो, स्कूलों की व्यवस्थाएँ हों या स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी दिक्कतें—हर विषय पर उनकी पैनी नज़र रहती है। कई बार देखा गया है कि वे बिना किसी औपचारिकता के अचानक निरीक्षण पर पहुँच जाते हैं, जिससे संबंधित विभागों में सतर्कता बनी रहती है। यह उनके कार्य करने का व्यावहारिक तरीका है, जो केवल कागज़ी कार्यवाही तक सीमित नहीं है, बल्कि वास्तविक बदलाव लाने पर केंद्रित है।

लापरवाह अधिकारियों के प्रति उनका सख़्त रुख भी चर्चा का विषय बना रहता है। वे स्पष्ट शब्दों में यह संदेश देते हैं कि जनता के कार्यों में देरी या लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कई अवसरों पर उन्होंने कार्य में कोताही बरतने वाले अधिकारियों को फटकार लगाई और आवश्यक निर्देश दिए, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था में अनुशासन बना रहे। यह सख़्ती नकारात्मक नहीं, बल्कि एक सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनती है, क्योंकि इससे व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ती है। उनकी सादगी और विनम्रता भी उन्हें अन्य अधिकारियों से अलग बनाती है। अक्सर यह देखा जाता है कि उच्च पदों पर बैठे अधिकारी आम जनता से दूरी बना लेते हैं, लेकिन उन्होंने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। वे लोगों से सहजता से बात करते हैं, उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनते हैं और समाधान के लिए तत्पर रहते हैं। उनके व्यवहार में कहीं भी “मैं डीएम हूँ” जैसा अहंकार दिखाई नहीं देता, बल्कि वे खुद को जनता का सेवक मानकर कार्य करते हैं।उनकी कार्यशैली में पारदर्शिता और तकनीक का उपयोग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और तेज़ बनाने के लिए उन्होंने आधुनिक साधनों और व्यवस्थाओं को बढ़ावा दिया है। शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने के प्रयास किए गए हैं, जिससे लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके साथ ही, विकास कार्यों की निगरानी भी नियमित रूप से की जाती है, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तव में ज़मीनी स्तर तक पहुँच सके।चम्पावत में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन से जुड़े क्षेत्रों में भी उनकी सक्रिय भूमिका देखने को मिलती है। जिले की भौगोलिक और सांस्कृतिक विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया है। स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग, युवाओं के लिए अवसरों का सृजन और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार उनके प्रशासनिक दृष्टिकोण का हिस्सा है। यह सब केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उनके क्रियान्वयन पर भी बराबर ध्यान दिया जाता है।उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि शायद यही है कि उन्होंने प्रशासन और जनता के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण किया है। आज चम्पावत में लोग प्रशासन को केवल एक व्यवस्था के रूप में नहीं, बल्कि एक सहायक और सहयोगी के रूप में देखने लगे हैं। यह विश्वास किसी भी जिले के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक होता है, और मनीष कुमार ने इसे अपनी मेहनत और ईमानदारी से अर्जित किया है।

समग्र रूप से देखा जाए तो मनीष कुमार एक ऐसे जिलाधिकारी के रूप में उभरकर सामने आए हैं, जिन्होंने प्रशासनिक कार्यशैली को मानवीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ा है। उनकी सख़्ती व्यवस्था को सुधारने के लिए है, उनकी सादगी लोगों को जोड़ने के लिए है, और उनकी सक्रियता विकास को गति देने के लिए है। चम्पावत की जनता के बीच उनकी लोकप्रियता और सम्मान इस बात का प्रमाण है कि जब प्रशासन ईमानदारी, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करता है, तो उसका प्रभाव दूर तक दिखाई देता है।

(लेखक लोहाघाट निवासी,सोशल मीडिया इनफ़्ल्यूएंसर एवं समसामयिक मुद्दों पर नियमित लिखते है)

जरूरी खबरें