: उपनल कर्मी मामले में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की पुनर्विचार याचिका कांग्रेस ने कहा धोखा
Laxman Singh Bisht
Thu, Nov 14, 2024
उपनल कर्मी मामले में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की पुनर्विचार याचिका कांग्रेस ने जमकर घेरा !
15 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार की नियमितीकरण के खिलाफ एसएलपी खारिज करी । वर्ष 2018 में नैनीताल हाईकोर्ट द्वारा उपनल कर्मियों के नियमितीकरण के पक्ष में लिए गए निर्णय को सुप्रीम कोर्ट ने यथावत रखा लेकिन बावजूद इसके जब सरकार द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया गया तो उपनल कर्मियों के प्रति सरकार की उदासीनता को लेकर कर्मचारी विशाल महारैली कर सचिवालय कूच किया । इस कूच के बाद कर्मचारियो को आश्वासन दिया गया कि जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा लेकिन बावजूद उसके एक बार फिर सरकार ने पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है
जिसको लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि उपनल कर्मचारी की हड़ताल को रोकने के लिए मुख्यमंत्री की पहल पर मुख्य सचिव ने कर्मियों से वार्ता की और आश्वासन दिया कि केदारनाथ में आचार संहिता लगी हुई है इसीलिए कोई घोषणा नहीं की जा सकती है
25 नवंबर को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक होगी उसमें सभी शामिल हो जिसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल स्थगित कर दी। धस्माना ने कहा लेकिन इसी बीच सरकार ने पीठ में छुरा घोभने का काम किया। एक तरफ आंदोलन स्थगित करवाया दूसरी तरफ सरकार ने पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी । धस्माना ने कहा कि इसके खिलाफ कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से समय मांग रहा है, जब भी समय मिलेगा कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल के पास जाएगा और कांग्रेस उपनल कर्मचारियों के साथ खड़ी होगी ।
15 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार की नियमितीकरण के खिलाफ एसएलपी खारिज करी । वर्ष 2018 में नैनीताल हाईकोर्ट द्वारा उपनल कर्मियों के नियमितीकरण के पक्ष में लिए गए निर्णय को सुप्रीम कोर्ट ने यथावत रखा लेकिन बावजूद इसके जब सरकार द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया गया तो उपनल कर्मियों के प्रति सरकार की उदासीनता को लेकर कर्मचारी विशाल महारैली कर सचिवालय कूच किया । इस कूच के बाद कर्मचारियो को आश्वासन दिया गया कि जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा लेकिन बावजूद उसके एक बार फिर सरकार ने पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है
जिसको लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि उपनल कर्मचारी की हड़ताल को रोकने के लिए मुख्यमंत्री की पहल पर मुख्य सचिव ने कर्मियों से वार्ता की और आश्वासन दिया कि केदारनाथ में आचार संहिता लगी हुई है इसीलिए कोई घोषणा नहीं की जा सकती है
25 नवंबर को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक होगी उसमें सभी शामिल हो जिसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल स्थगित कर दी। धस्माना ने कहा लेकिन इसी बीच सरकार ने पीठ में छुरा घोभने का काम किया। एक तरफ आंदोलन स्थगित करवाया दूसरी तरफ सरकार ने पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी । धस्माना ने कहा कि इसके खिलाफ कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से समय मांग रहा है, जब भी समय मिलेगा कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल के पास जाएगा और कांग्रेस उपनल कर्मचारियों के साथ खड़ी होगी ।