: चंपावत:विधानसभा कूच के लिए लोहाघाट/ चंपावत से सैकड़ो की संख्या में अतिथि शिक्षक देहरादून को हुए रवाना
Laxman Singh Bisht
Tue, Aug 6, 2024विधानसभा कूच के लिए लोहाघाट/ चंपावत से सैकड़ो की संख्या में अतिथि शिक्षक देहरादून को हुए रवाना
अपनी मांगों को लेकर अतिथि शिक्षकों का प्रदेश की राजधानी देहरादून में अनिश्चितकालीन आंदोलन चल रहा है जिसमें प्रदेश भर के अतिथि शिक्षक शामिल है वही 7 अगस्त बुधवार को अतिथि शिक्षकों ने विधानसभा कूच का ऐलान किया है जिसमें शामिल होने के लिए मंगलवार को लोहाघाट और चंपावत से सैकड़ो की संख्या में अतिथि शिक्षक संगठन जिला अध्यक्ष सुभाष गोस्वामी व ज्योत्सना बोहरा के नेतृत्व में देहरादून को रवाना हुए अतिथि शिक्षकों ने कहा सरकार ने अतिथि शिक्षकों की मांगों को मानना चाहिए अतिथि शिक्षक शिक्षा विभाग की रीड़ की हड्डी है कम वेतनमान में भी दुरुस्त क्षेत्र के विद्यालय अतिथि शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं अतिथि शिक्षक पूरी मेहनत व ईमानदारी के साथ अपना कर्तव्य निभाते हैं फिर भी सरकार अतिथि शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है सरकार के फैसले से अतिथि शिक्षकों का भविष्य अधर में लटक गया है वहीं अतिथि शिक्षकों का आंदोलन उग्र होते जा रहा है अतिथि शिक्षक अपनी मांगों को मनाने तक आंदोलन खत्म करने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं वही अतिथि शिक्षकों के नारो से देहरादून गूंज रहा है अतिथि शिक्षकों के आंदोलन से दूरस्थ क्षेत्र के कई विद्यालयों में ताले लटक गए हैं वही आज देहरादून को सुभाष गोस्वामी ,. निर्मल कुमार,किशोर जोशी, बसंत चौबे , रेखा बोहरा,ज्योत्सना बोहरा तनुजा राय,पंकज कुमार,नवीन चंद्र शमशेर गिरी, प्रकाश चंद्र,दिनेश चन्द्र जोशी,विजय मथेला, नीरज नाथ,कैलाश गिरी , दिनेश चमियाल, आभा जोशी,शोभा बिष्ट , गीता राज,निर्मला मुरारी,मंजू बिष्ट , ममता सहित सैकड़ो अतिथि शिक्षक देहरादून को रवाना हुए
अपनी मांगों को लेकर अतिथि शिक्षकों का प्रदेश की राजधानी देहरादून में अनिश्चितकालीन आंदोलन चल रहा है जिसमें प्रदेश भर के अतिथि शिक्षक शामिल है वही 7 अगस्त बुधवार को अतिथि शिक्षकों ने विधानसभा कूच का ऐलान किया है जिसमें शामिल होने के लिए मंगलवार को लोहाघाट और चंपावत से सैकड़ो की संख्या में अतिथि शिक्षक संगठन जिला अध्यक्ष सुभाष गोस्वामी व ज्योत्सना बोहरा के नेतृत्व में देहरादून को रवाना हुए अतिथि शिक्षकों ने कहा सरकार ने अतिथि शिक्षकों की मांगों को मानना चाहिए अतिथि शिक्षक शिक्षा विभाग की रीड़ की हड्डी है कम वेतनमान में भी दुरुस्त क्षेत्र के विद्यालय अतिथि शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं अतिथि शिक्षक पूरी मेहनत व ईमानदारी के साथ अपना कर्तव्य निभाते हैं फिर भी सरकार अतिथि शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है सरकार के फैसले से अतिथि शिक्षकों का भविष्य अधर में लटक गया है वहीं अतिथि शिक्षकों का आंदोलन उग्र होते जा रहा है अतिथि शिक्षक अपनी मांगों को मनाने तक आंदोलन खत्म करने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं वही अतिथि शिक्षकों के नारो से देहरादून गूंज रहा है अतिथि शिक्षकों के आंदोलन से दूरस्थ क्षेत्र के कई विद्यालयों में ताले लटक गए हैं वही आज देहरादून को सुभाष गोस्वामी ,. निर्मल कुमार,किशोर जोशी, बसंत चौबे , रेखा बोहरा,ज्योत्सना बोहरा तनुजा राय,पंकज कुमार,नवीन चंद्र शमशेर गिरी, प्रकाश चंद्र,दिनेश चन्द्र जोशी,विजय मथेला, नीरज नाथ,कैलाश गिरी , दिनेश चमियाल, आभा जोशी,शोभा बिष्ट , गीता राज,निर्मला मुरारी,मंजू बिष्ट , ममता सहित सैकड़ो अतिथि शिक्षक देहरादून को रवाना हुए