: उत्तराखंड में नए व्यावसायिक पैराग्लाइडिंग संचालकों को 3 वर्ष तक अनुज्ञा शुल्क में मिलेगी छूट लोहाघाट की झूमाधूरी व बाणासुर किले की साइट भी है चिन्हित पर्यटन विभाग की शानदार पहल
Laxman Singh Bisht
Sat, Mar 9, 2024
उत्तराखंड में नए व्यावसायिक पैराग्लाइडिंग संचालकों को 3 वर्ष तक अनुज्ञा शुल्क में मिलेगी छूट लोहाघाट की झूमाधूरी व बाणासुर किले की साइट भी है चिन्हित पर्यटन विभाग की शानदार पहल
उत्तराखंड पर्यटन विभाग के द्वारा प्रदेश में पैराग्लाइडिंग के माध्यम से पर्यटकों को रिझाने तथा युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में कार्य शुरू कर दिया गया है पर्यटन विभाग के द्वारा प्रदेश में पैराग्लाइडिंग को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में नए व्यावसायिक पैराग्लाइडिंग संचालकों को 3 वर्षों तक अनुज्ञा शुल्क में छूट दी जाएगी पर्यटन विभाग के द्वारा यह छूट सिर्फ चिन्हित साइट्स पर ही दी जा रही है चिन्हित साइट में
चंपावत जिले के लोहाघाट के झूमाधूरी व बाणासुर किले को भी चिन्हित किया गया है इसके अलावा देहरादून का दूधली गांव व सनगांव टिहरी में तीमली गांव ,पौड़ी में बड़ाखोलू व रौतेला गांव ,पिथौरागढ़ में मोस्टमानू तथा गंगोलीहाट का जीवल गांव बागेश्वर में नेल, जोलकांडे ,बिनाई , झंडीधार ,अल्मोड़ा में बिनता तथा नैनीताल जिले में मंगोली को चिन्हित किया गया है वही पर्यटन विभाग के द्वारा प्रदेश के युवाओं से
इस योजना का लाभ उठाकर खुद को रोजगार से जोड़ने के साथ-साथ प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों में अपना सहयोग देने की अपील करी है कुल मिलाकर स्थानीय युवा इस शानदार योजना का लाभ उठाकर खुद को रोजगार से जोड़कर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने में अपना अहम योगदान दे सकते हैं युवाओं को आगे आना चाहिए

उत्तराखंड पर्यटन विभाग के द्वारा प्रदेश में पैराग्लाइडिंग के माध्यम से पर्यटकों को रिझाने तथा युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में कार्य शुरू कर दिया गया है पर्यटन विभाग के द्वारा प्रदेश में पैराग्लाइडिंग को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में नए व्यावसायिक पैराग्लाइडिंग संचालकों को 3 वर्षों तक अनुज्ञा शुल्क में छूट दी जाएगी पर्यटन विभाग के द्वारा यह छूट सिर्फ चिन्हित साइट्स पर ही दी जा रही है चिन्हित साइट में
चंपावत जिले के लोहाघाट के झूमाधूरी व बाणासुर किले को भी चिन्हित किया गया है इसके अलावा देहरादून का दूधली गांव व सनगांव टिहरी में तीमली गांव ,पौड़ी में बड़ाखोलू व रौतेला गांव ,पिथौरागढ़ में मोस्टमानू तथा गंगोलीहाट का जीवल गांव बागेश्वर में नेल, जोलकांडे ,बिनाई , झंडीधार ,अल्मोड़ा में बिनता तथा नैनीताल जिले में मंगोली को चिन्हित किया गया है वही पर्यटन विभाग के द्वारा प्रदेश के युवाओं से
इस योजना का लाभ उठाकर खुद को रोजगार से जोड़ने के साथ-साथ प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों में अपना सहयोग देने की अपील करी है कुल मिलाकर स्थानीय युवा इस शानदार योजना का लाभ उठाकर खुद को रोजगार से जोड़कर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने में अपना अहम योगदान दे सकते हैं युवाओं को आगे आना चाहिए
