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चंपावत ललुवा पानी सड़क में पैच वर्क पर उठा सवाल लोगों ने जताई नाराजगी

: लोहाघाट:गंभीर बीमार महिला को तीन किलोमीटर खड़ी चढ़ाई पार कर अस्पताल लाए ग्रामीण फिर डोली बनी सहारा/ सड़क न बनने पर ग्रामीणों की मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय व विधायक आवास में धरने की चेतावनी

Laxman Singh Bisht

Fri, Jan 10, 2025
गंभीर बीमार महिला को तीन किलोमीटर खड़ी चढ़ाई पार कर अस्पताल लाए ग्रामीण फिर डोली बनी सहारा सड़क न बनने पर ग्रामीणों की मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय व विधायक आवास में धरने की चेतावनी रोड न होने से ग्रामीणों को कितनी कठिनाइयों का सामना अक्सर करना पड़ता है शायद इसकी जानकारी ना तो मुख्यमंत्री को है और ना ही शासन प्रशासन में बैठे अधिकारियों व क्षेत्रीय विधायक को घटना आदर्श जिले चंपावत के लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र की है जहां गुरुवार देर रात सीमावर्ती गांव मौड़ा की रहने वाली रेखा देवी( 35) पत्नी रमेश राम की अचानक तबीयत खराब हो गई गंभीर रूप से बीमार महिला की जान बचाने के लिए रात में ही गांव के युवा डोली के सहारे तीन किलोमीटर खड़ी चढ़ाई व खतरनाक पैदल रास्तों को पार कर रेखा देवी को पोखरी सड़क तक लाए जहां से महिला को वाहन के जरिए लगभग 30 किलोमीटर दूर चंपावत जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया चंपावत में भी महिला को उपचार नहीं मिल पाया चिकित्सकों के द्वारा महिला को डेढ़ सौ किलोमीटर दूर हल्द्वानी रेफर कर दिया गया वहीं मोड़ा के रहने वाले पूर्व सैनिक केदार बोरा व सामाजिक कार्यकर्ता युवा रोशन कुमार ने बताया गांव में रोड ना होने का खामियाजा ग्रामीणों को आए दिन भुगतना पड़ता है पर यह कोई पहला मामला नहीं है वर्षों से कई बीमारी व गर्भवती महिलाओं को ग्रामीण इसी तरह डोली के सहारे खतरनाक पैदल रास्तों से अस्पताल पहुंचाते आए उन्होंने बताया कई बार मुख्यमंत्री, क्षेत्रीय विधायक ,डीएम ,एसडीएम से ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग कर चुके हैं पर सुनने को कोई तैयार नहीं है सड़क न होने से रोज स्कूली बच्चों व ग्रामीणों को तीन किलोमीटर खड़ी चढ़ाई पार करनी पड़ती है पैदल रास्ते भी ठीक से नहीं बने हुए हैं उन्होंने बताया बरसात में स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है पर उनकी ना तो सरकार सुनती है और ना ही प्रशासन ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री, विधायक व प्रशासन से मौड़ा गांव में सड़क निर्माण की मांग की है साथ ही ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा अगर इस बार उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो वह मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय तथा विधायक आवास में धरने में बैठ जाएंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी ग्रामीणों ने कहा 76 साल पहले देश आजाद हो गया पर उनकी परेशानी जस की तस बनी हुई है ग्रामीणों ने कहा वह उसे जिले में रहते हैं जिसका प्रतिनिधित्व खुद मुख्यमंत्री करते हैं यह कौन सा आदर्श जिला चंपावत है जहां आज भी ग्रामीण सड़क के लिए संघर्ष कर रहे हैं पूर्व सैनिक केदार बोहरा ने बताया चंपावत जिले में ऐसी तस्वीरे आए दिन नजर आती रहती है सड़क के अभाव में कई बीमार दम तक तोड़ चुके हैं उन्होंने बताया गांव में 150 परिवार रहते हैं जिनमें 100 परिवार सामान्य वर्ग तथा 40 परिवार अनुसूचित जाति वर्ग के रहते हैं तथा सड़क न होने से कई परिवार गांव से पलायन कर चुके हैं तथा कई तैयारी में लगे हुए ग्रामीणों ने कहा सड़क न होने का खामियाजा उन्हें कई रूप में रोज भुगतना पड़ता है उन्होंने मुख्यमंत्री से उनकी सुध लेने की गुहार लगाइ है ग्रामीणों ने कहा मुख्यमंत्री का आदर्श जिले का सपना तभी पूरा होगा जब जिले का हर गांव सड़क सुविधा से जुड़ जाएगा उन्होंने कहा उन्हें पूरा विश्वास है इस बार मुख्यमंत्री उनकी समस्याओं का जरूर संज्ञान लेंगे इस दौरान संजू कुमार ,गिरीश राम ,नारायण राम, कल्याण राम, राजेश राम सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे

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