रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:होली के रंगों के साथ आँखों की सुरक्षा भी जरूरी: डा 0विराज राठी
Laxman Singh Bisht
Wed, Mar 4, 2026
होली के रंगों के साथ आँखों की सुरक्षा भी जरूरी: डा 0विराज राठी
जहां होली रंगों, उत्साह और आपसी भाईचारे का पर्व है। इस दिन हर कोई खुलकर रंगों से खेलता है। लेकिन यही रंग कभी-कभी हमारी आँखों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। आजकल बाजार में मिलने वाले अधिकतर रंगों में केमिकल, डाई और हानिकारक तत्व मिलाए जाते हैं, जो आँखों में जलन, एलर्जी, संक्रमण और कॉर्निया को नुकसान पहुँचा सकते हैं। कई बार तेज पिचकारी या पानी के गुब्बारों से आँखों में चोट लगने से दृष्टि पर स्थायी प्रभाव भी पड़ सकता है।होली के बाद अस्पतालों और नेत्र क्लीनिकों में लालिमा, सूजन, पानी आना, दर्द और धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। इसलिए थोड़ी सी सावधानी बरतकर इन परेशानियों से आसानी से बचा जा सकता है। लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर विराज राठी ने होली के रंगों से होने वाले खतरों के बारे में बताया
• केमिकल रंगों से एलर्जी व जलन
• कॉर्निया पर खरोंच या संक्रमण
• पानी के गुब्बारों से चोट
• कॉन्टैक्ट लेंस में रंग फँसना
• गंदे हाथों से आँखें मलने से इन्फेक्शन
क्या करें
✔ सुरक्षात्मक चश्मा या सनग्लास पहनें
✔ केवल हर्बल/प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करें
✔ कॉन्टैक्ट लेंस की जगह चश्मा पहनें
✔ आँखों में रंग जाने पर तुरंत साफ पानी से धोएँ
✔ बच्चों का विशेष ध्यान रखें
क्या न करें
✘ जबरदस्ती किसी के चेहरे या आँखों में रंग न डालें
✘ आँखों को रगड़ें नहीं
✘ पक्के या केमिकल रंगों का प्रयोग न करें
✘ बिना डॉक्टर की सलाह कोई दवा न डालें
यदि होली खेलने के बाद आँखों में लगातार दर्द, लालिमा, सूजन या धुंधलापन हो, तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें। समय पर उपचार से बड़ी समस्या से बचा जा सकता है।
डॉ राठी ने संदेश देते हुए कहा
“त्योहार की खुशियाँ तभी सार्थक हैं जब आपकी दृष्टि सुरक्षित रहे। सावधानी के साथ होली खेलें और अपनी आँखों की रक्षा करें।”