: लोहाघाट:प्रत्याशियों को चुनाव में याद आए पानी स्वास्थ्य जमीन के मुद्दे हर कोई समाधान का कर रहा है वादा कौन बनेगा लोहावती की आवाज?
Laxman Singh Bisht
Wed, Jan 22, 2025
प्रत्याशियों को चुनाव में याद आए पानी स्वास्थ्य जमीन के मुद्दे हर कोई समाधान का कर रहा है वादा कौन बनेगा लोहावती की आवाज?
प्रदेश में होने जा रहे नगर निकाय चुनाव को लेकर लोहाघाट में पालिका अध्यक्ष पद पर खड़े हर प्रत्याशी को लोहाघाट नगर की पानी, स्वास्थ्य व जमीन की समस्या नजर आ रही है तथा लोहावती नदी की गंदगी नजर आने लगी है हर प्रत्याशी इन समस्याओं की समाधान की बात कर रहा है वही नगर की जनता भी प्रत्याशियों के द्वारा इन समस्याओं के समाधान के दावों के मजे ले रही है लोगों ने कहा वर्षों से हम लोहावती नदी का सीवर युक्त पानी पी रहे हैं, इलाज के लिए बाहर के अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं, अपनी भूमि के हम स्वामी नहीं है, लोहावती गंदे नाले में तब्दील हो चुकी है लेकिन किसी भी प्रत्याशी के द्वारा जनता की इन समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया ना ही किसी प्रत्याशी ने इन समस्याओं के लिए आज तक जन आंदोलन किया लोगों ने कहा अगर किसी भी प्रत्याशी ने जनता को साथ लेकर जन आंदोलन किया होता , धरने पर बैठा होता तो शायद इनमें से पेयजल और स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान हो चुका होता लोगों ने कहा जन आंदोलन के आगे बड़ी-बड़ी सरकारे झुकी है इतिहास इसका गवाह है लेकिन अब चुनाव के समय हर प्रत्याशी इन तीन समस्याओं का रोना जनता के सामने रो रहा है और समाधान की बात अपने अंदाज में करता नजर आ रहा है तो कोई सरकार को कोश रहा है लोगों ने कहा आज लोहाघाट नगर को चौथे दिन नाममात्र का पानी मिल रहा है लोगों ने कहा फिर भी चुनाव है पालिका अध्यक्ष चुनना पड़ेगा लेकिन वह ऐसा पालिका अध्यक्ष चुनना चाहेंगे जो अब अपने किए वादों को निभा सके जनता को इन समस्याओं से निजात दिला सके
लोहावती व लोहाघाट की आवाज बन सके अब देखना यह दिलचस्प होगा इन 6 प्रत्याशियों में से जो भी प्रत्याशी पालिका अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठता है क्या वह जनता से किया इन वादों को निभाएगा या वादे वादे ही रह जाएंगे? या सरयू लिफ्ट पेयजल योजना डीपीआर में ही सिमट जाएगी?
प्रदेश में होने जा रहे नगर निकाय चुनाव को लेकर लोहाघाट में पालिका अध्यक्ष पद पर खड़े हर प्रत्याशी को लोहाघाट नगर की पानी, स्वास्थ्य व जमीन की समस्या नजर आ रही है तथा लोहावती नदी की गंदगी नजर आने लगी है हर प्रत्याशी इन समस्याओं की समाधान की बात कर रहा है वही नगर की जनता भी प्रत्याशियों के द्वारा इन समस्याओं के समाधान के दावों के मजे ले रही है लोगों ने कहा वर्षों से हम लोहावती नदी का सीवर युक्त पानी पी रहे हैं, इलाज के लिए बाहर के अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं, अपनी भूमि के हम स्वामी नहीं है, लोहावती गंदे नाले में तब्दील हो चुकी है लेकिन किसी भी प्रत्याशी के द्वारा जनता की इन समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया ना ही किसी प्रत्याशी ने इन समस्याओं के लिए आज तक जन आंदोलन किया लोगों ने कहा अगर किसी भी प्रत्याशी ने जनता को साथ लेकर जन आंदोलन किया होता , धरने पर बैठा होता तो शायद इनमें से पेयजल और स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान हो चुका होता लोगों ने कहा जन आंदोलन के आगे बड़ी-बड़ी सरकारे झुकी है इतिहास इसका गवाह है लेकिन अब चुनाव के समय हर प्रत्याशी इन तीन समस्याओं का रोना जनता के सामने रो रहा है और समाधान की बात अपने अंदाज में करता नजर आ रहा है तो कोई सरकार को कोश रहा है लोगों ने कहा आज लोहाघाट नगर को चौथे दिन नाममात्र का पानी मिल रहा है लोगों ने कहा फिर भी चुनाव है पालिका अध्यक्ष चुनना पड़ेगा लेकिन वह ऐसा पालिका अध्यक्ष चुनना चाहेंगे जो अब अपने किए वादों को निभा सके जनता को इन समस्याओं से निजात दिला सके
लोहावती व लोहाघाट की आवाज बन सके अब देखना यह दिलचस्प होगा इन 6 प्रत्याशियों में से जो भी प्रत्याशी पालिका अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठता है क्या वह जनता से किया इन वादों को निभाएगा या वादे वादे ही रह जाएंगे? या सरयू लिफ्ट पेयजल योजना डीपीआर में ही सिमट जाएगी?