रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:राज्य स्तरीय कार्यशाला में सामाजिक विज्ञान विषय पर हुआ गहन चिंतन -मनन।
राज्य स्तरीय कार्यशाला में सामाजिक विज्ञान विषय पर हुआ गहन चिंतन -मनन।
राज्यभर के शिक्षकों ने शैक्षिक नवाचारों को आपस में किया साझा।
सामाजिक विज्ञान विषय में प्रोजेक्ट कार्य की उपयोगिता पर किया विमर्श।

लोहाघाट। डायट लोहाघाट में आयोजित राज्यस्तरीय सामाजिक विज्ञान कार्यशाला ने शिक्षण जगत में नवाचारों की एक नई दिशा स्थापित की है। लोहाघाट में सम्पन्न तीन दिवसीय यह आयोजन केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम मात्र नहीं था, बल्कि शिक्षा में आवश्यक परिवर्तन की ओर बढ़ाया गया एक सशक्त कदम साबित हुआ। प्राचार्य दिनेश सिंह खेतवाल और कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनिल कुमार मिश्रा द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ आरंभ हुए इस कार्यक्रम में राज्यभर से आए शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की और सामाजिक विज्ञान शिक्षण को अधिक प्रभावी, प्रासंगिक और जीवन-आधारित बनाने के संकल्प के साथ अपनी भागीदारी दर्ज की। जिला समन्वयक डॉ अनिल कुमार मिश्रा ने सभी प्रतिभागियों और संदर्भरताओं का स्वागत किया।

कार्यक्रम का संचालन जनपद सह समन्वयक प्रकाश चन्द्र उपाध्याय ने किया, जिन्होंने प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए शिक्षकों को नवाचारी पद्धतियों की ओर प्रेरित किया। कार्यशाला के दौरान सन्दर्भदाता एवं जिला सह समन्वयक प्रकाश चन्द्र उपाध्याय ने सामाजिक विज्ञान विषय में प्रोजेक्ट कार्य के महत्व पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। विषय विशेषज्ञों ने शिक्षकों की सोच को विस्तार देने वाले महत्वपूर्ण बिंदु साझा किए। संदर्भदाता के रूप में डिग्री कॉलेज लोहाघाट से डॉ. सुनील कुमार ने भारतीय ज्ञान परंपरा, डायट बागेश्वर से डॉ. रवि कुमार जोशी ने क्रॉस कटिंग थीम्स, डॉ. कमल गहतोड़ी ने सामाजिक विज्ञान विषय में हो रहे नए नवाचारों तथा डायट पौढ़ी से डॉ प्रमोद नौडियाल ने स्थानीय परिवेश विषय में अपना व्याख्यान दिया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ अवनीश शर्मा, कृष्ण सिंह ऐरी, डॉ पारुल शर्मा, दीपक सोराडी, राम बालक मिश्रा, डायट पौढ़ी से डॉ प्रमोद कुमार नौडियाल, डायट बागेश्वर से डॉ रवि कुमार जोशी आदि ने सहयोग किया।