रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:अनशनकारी चेतराम का 21 वे दिन भी धरना जारी डीएम कार्यालय में आत्मदाह की चेतावनी।
Laxman Singh Bisht
Wed, Jun 17, 2026
अनशनकारी चेतराम का 21 वे दिन भी धरना जारी डीएम कार्यालय में आत्मदाह की चेतावनी।
कहा गरीब की कोई नहीं सुनता ना सरकार न प्रशासन। प्रशासन पर लगाए सुध न लेने के आरोप।

चेतराम का धरना लोक निर्माण विभाग के लिए बना सर दर्द।

लोहाघाट।अपनी मांगों को लेकर लोहाघाट लोक निर्माण विभाग कार्यालय में धरना दे रहे चेतराम बुधवार को 21 वे दिन भी लोक निर्माण विभाग कार्यालय लोहाघाट में धरने में डटे रहे। बुजुर्ग चेतराम ने चेतावनी देते हुए कहा जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती है उनका अनशन जारी रहेगा। अपनी मांगों को लेकर बुजुर्ग चेतराम 116 वीं बार धरना दे रहे हैं। बुजुर्ग चेतराम ने कहा वह लगभग 33 वर्षों से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे पर हर बार उन्हें प्रशासन व विभाग से आश्वासन मिले पर मांग पूरी नहीं हुई। उन्होंने कहा वर्ष 1993 में लोक निर्माण विभाग लोहाघाट के द्वारा उन्हें मस्टरोल के तहत राजमिस्त्री के पद पर रखा गया था इसके दस्तावेज उनके पास मौजूद है तथा वर्ष 1995 में लोहाघाट महाविद्यालय निर्माण के दौरान वह निर्माणाधीन भवन की छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे उनकी किडनी भी डैमेज हो गई थी। जिसे हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल में ऑपरेशन कर निकाल गया। पर विभाग के द्वारा उन्हें कोई मुआवजा नहीं दिया गया जबकि इलाज में उनका 6 लाख 18 हजार रुपए खर्च हो चुका है तथा तीन नाली भूमि उनके द्वारा गिरवी रखी गई है और वह अभी भी कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित है जिसका उपचार चल रहा है। चेतराम ने कहा जब तक नौकरी व उनका इलाज में आया खर्च 6लाख 18 हजार रुपया उन्हें नहीं दिया जाता है उनका धरना लगातार जारी रहेगा।

कहा उन्हें बार-बार आश्वासन दिया गया पर मुआवजा नहीं। चेतराम ने कहा आज उन्हें धरना देते हुए 21दिन हो गए हैं पर प्रशासन के द्वारा अभी तक उनकी कोई सुध नहीं ली गई है। कहा अगर अनशन के दौरान उन्हें कुछ भी होता है उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की होगी। कहा जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती है उनका आंदोलन जारी रहेगा। चेतराम ने चेतावनी देते हुए कहा अगर 10 दिन के भीतर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वह जिलाधिकारी कार्यालय या लोक निर्माण विभाग कार्यालय लोहाघाट में आत्महत्या कर लेंगे। उनके पास अब कोई रास्ता नहीं बचा है।फिलहाल बुजुर्ग चेतराम का धरना लोक निर्माण विभाग लोहाघाट के लिए सर दर्द बन गया है। बिना मांगे पूरे हुए चेतराम धरना छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। बुजुर्ग चेतराम ने प्रशासन पर उनकी सुध न लेने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा वह गरीब व्यक्ति हैं इसलिए कोई भी उनकी मदद को आगे नहीं आ रहा है। अब देखना है बुजुर्ग चेतराम का 116 वी बार दिया जा रहा है धरना क्या रंग लाता है क्या उनकी मांगे पूरी होती हैं या फिर हर बार की तरह उन्हें आश्वासन दिया जाता है। फिलहाल अनशन के चलते चेतराम के स्वास्थ्य में काफी गिरावट आ रही है।