रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:पंचतत्व में विलीन हुई वीरांगना देवकी देवी। रिकेश्वर घाट में हुआ अंतिम संस्कार
Laxman Singh Bisht
Fri, Apr 17, 2026
पंचतत्व में विलीन हुई वीरांगना देवकी देवी। रिकेश्वर घाट में हुआ अंतिम संस्कार
प्रशासन की ओर से एसडीएम पहुंची आवास में शोक संवेदना की व्यक्त

19वीं बटालियन राजपूताना राइफल्स के प्रथम तथा कुमाऊँ क्षेत्र के पहले अशोक चक्र विजेता, जनकांडे के वीर सपूत कैप्टन उमेद सिंह माहरा की वीरांगना धर्मपत्नी श्रीमती देवकी देवी का 86 वर्ष की आयु में आज शुक्रवार सुबह उनके निवास हथरंगीया लोहाघाट में आकस्मिक निधन हो गया। देवकी देवी केवल एक वीर सैनिक की जीवनसंगिनी ही नहीं, बल्कि त्याग, साहस और धैर्य की जीवित मिसाल थीं। उन्होंने अपने जीवन को देशभक्ति और परिवार के संस्कारों के साथ जिया, और सदैव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहीं। देवकी देवी अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गई। देवकी देवी के निधन से लोहाघाट तथा जनकांडे क्षेत्र में शोक की लहर छा गई है। लोगों ने उनके निधन पर दुख जताते हुए शोक व्यक्त किया है कहा वह एक वीर पत्नी थी।

उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर रिकेश्वर शमशान घाट में किया गया जहां उनके पुत्र भूपेंद्र सिंह मांहरा और दीपक माहरा ने उनकी चिता को मुखाग्नी दी। इससे पूर्व एसडीएम लोहाघाट नीतू डांगर ने उनके आवास में जाकर प्रशासन की ओर से शोक संवेदनाएं व्यक्त की। अंतिम संस्कार में जिला पंचायत सदस्य अशोक महरा, समाजसेवी रीता गहतोड़ी, गोविंद बोहरा,राजू महरा ,भुवन जोशी , नवीन सिंह,चंद्र किशोर पांडे, शिवराज सिंह तड़ागी , दरबान ढेक, कैलाश मेहता, हेम पुनेठा सहित कई लोगों मौजूद रहे।कहा ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दे।