: लोहाघाट:शहीद की अंतिम यात्रा में प्रशासनिक अधिकारियों के शामिल न होने पर शहीद के भाई ने जताई नाराजगी कुमाऊं कमिश्नर को भेजा शिकायती पत्र
Laxman Singh Bisht
Mon, May 20, 2024
शहीद की अंतिम यात्रा में प्रशासनिक अधिकारियों के शामिल न होने पर शहीद के भाई ने जताई नाराजगी
विगत 13 मई 2024 देश के लिए शहीद हुए डूंगरी (दिगालीचोड़ ) निवासी हवलदार किशन दत्त जोशी के शहीद होने पर प्रशासन के द्वारा उनके परिजनों व कानून वयवस्था को अनदेखा किया यह आरोप शहीद के बड़े भाई व पूर्व प्रधान महेश चन्द्र जोशी द्वारा लगाया गया है उनहोंने कहा की शहीद होने पर जिले के डीएम व एसपी को सेना द्वारा पूर्व में ही अवगत करा दिया गया था! लेकिन शहीद किशन दत्त जोशी का पार्थिव शरीर देर शाम उनके आवास शैरीगैर पहुचा रात भर सेना के जवान उनके साथ मोजूद रहे
लेकिन चम्पावत जिले का कोई भी अधिकारी उनके आवास पर नहीं पहुचा उन्होने कहा सुबह14/5/2024 को जब शहीद की अतिम यात्रा निकली उस समय बच्चों का स्कूल समय था जिससे कि जाम लग गया उस समय भी प्रसाशन व पुलिस के कोई नुमाइंदे वहाँ मोजूद नहीं थे जो कि देश के लिए शहीद हुए जवान का अपमान है जबकि अन्तिम यात्रा व अन्तिम संस्कार में भी भारी जनसैलाब था पर प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था
इससे बड़ा शहीद का अपमान और क्या हो सकता है यह बड़ा गम्भीर विषय एक जवान देश के लिए शहीद होता है पर प्रशासन का एक भी अधिकारी उसकी अन्तिम यात्रा में शामिल होने तक की जहमत नहीं उठाता है वही जिले के सभी समाज सेवियो ने पुलिस व प्रसाशन की इस कार्य प्रणाली की घोर निंदा की है उन्होंने कहा इस मामले को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा उन्होने इस बात की शिकायत पत्र के माध्यम से कुमाऊ कमिश्नर से की है मालूम हो हवलदार के डी जोशी मध्य प्रदेश में अग्नि बीरो को ट्रेनिंग देते हुए वाहन दुर्घटना में शहीद हो गए थे
विगत 13 मई 2024 देश के लिए शहीद हुए डूंगरी (दिगालीचोड़ ) निवासी हवलदार किशन दत्त जोशी के शहीद होने पर प्रशासन के द्वारा उनके परिजनों व कानून वयवस्था को अनदेखा किया यह आरोप शहीद के बड़े भाई व पूर्व प्रधान महेश चन्द्र जोशी द्वारा लगाया गया है उनहोंने कहा की शहीद होने पर जिले के डीएम व एसपी को सेना द्वारा पूर्व में ही अवगत करा दिया गया था! लेकिन शहीद किशन दत्त जोशी का पार्थिव शरीर देर शाम उनके आवास शैरीगैर पहुचा रात भर सेना के जवान उनके साथ मोजूद रहे
लेकिन चम्पावत जिले का कोई भी अधिकारी उनके आवास पर नहीं पहुचा उन्होने कहा सुबह14/5/2024 को जब शहीद की अतिम यात्रा निकली उस समय बच्चों का स्कूल समय था जिससे कि जाम लग गया उस समय भी प्रसाशन व पुलिस के कोई नुमाइंदे वहाँ मोजूद नहीं थे जो कि देश के लिए शहीद हुए जवान का अपमान है जबकि अन्तिम यात्रा व अन्तिम संस्कार में भी भारी जनसैलाब था पर प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था
इससे बड़ा शहीद का अपमान और क्या हो सकता है यह बड़ा गम्भीर विषय एक जवान देश के लिए शहीद होता है पर प्रशासन का एक भी अधिकारी उसकी अन्तिम यात्रा में शामिल होने तक की जहमत नहीं उठाता है वही जिले के सभी समाज सेवियो ने पुलिस व प्रसाशन की इस कार्य प्रणाली की घोर निंदा की है उन्होंने कहा इस मामले को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा उन्होने इस बात की शिकायत पत्र के माध्यम से कुमाऊ कमिश्नर से की है मालूम हो हवलदार के डी जोशी मध्य प्रदेश में अग्नि बीरो को ट्रेनिंग देते हुए वाहन दुर्घटना में शहीद हो गए थे