: चंपावत में बंगाल टाइगर का शव मिलने से मची सनसनी
Laxman Singh Bisht
Wed, Jan 8, 2025
चंपावत में बंगाल टाइगर का शव मिलने से मची सनसनी
आज बुधवार दोपहर को चंपावत के ग्राम पंचायत ढकना बडोला व डुंगरासेठी से सटे जंगल में लकड़ी लेने गयी ढकना बडोला की महिलायों द्वारा पुरातत्व व प्रसिद्ध एकहत्या नौले के समीप विशालकाय 7 फ़ीट लंबे और 4 फ़ीट ऊंचे बंगाल टाइगर का शव देखा जिसकी सूचना महिलाओं के द्वारा आसपास के लोगों को दी गई जिन्होंने वन विभाग को बंगाल टाइगर का शव पड़े होने की सूचना दी सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तथा बंगाल टाइगर के शव को कब्जे में लिया फिलहाल टाइगर की मौत की वजह का अभी कोई पता नही चल पाया है, मौके पर पहुँचे डीएफओ चम्पावत नवीन पंत व एसडीओ नेहा सौन ने बताया मौत आपसी संघर्ष में हुई है। उन्होंने कहा बंगाल टाइगर जो आज तक यहां नही देखे गए,आखिर कहां से आये और कितने है , इस बारे में जानकारी ली जा रही है।
बाघ की मौत का पता पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगा। अलबत्ता बंगाल टाइगर के DNA की जांच भारतीय वन्य जीव संस्था देहरादून भेजी जाएगी। जबकि बिसरा जांच के लिए IVRI बरेली भेजा जाएगा। वहीं बंगाल टाइगर के चंपावत के पर्वतीय पहुंचने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है मालूम हो कुछ माह पूर्व चंपावत जिले के बरदाखान में भी ग्रामीणों के द्वारा बंगाल टाइगर देखने की पुष्टी की थी बंगाल टाइगर का पहाड़ी क्षेत्र मे आना खतरे की घंटी है जिसने बन विभाग के कान खड़े कर दिए हैं मालूम हो 19 वी सदी में मशहूर शिकारी जिम कॉर्बेट ने चंपावत के गौड़ी में एक नरभक्षी बाघिन का शिकार किया था जिसने 350 लोगों को मौत के घाट उतारा था जिसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में आज भी दर्ज है

आज बुधवार दोपहर को चंपावत के ग्राम पंचायत ढकना बडोला व डुंगरासेठी से सटे जंगल में लकड़ी लेने गयी ढकना बडोला की महिलायों द्वारा पुरातत्व व प्रसिद्ध एकहत्या नौले के समीप विशालकाय 7 फ़ीट लंबे और 4 फ़ीट ऊंचे बंगाल टाइगर का शव देखा जिसकी सूचना महिलाओं के द्वारा आसपास के लोगों को दी गई जिन्होंने वन विभाग को बंगाल टाइगर का शव पड़े होने की सूचना दी सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तथा बंगाल टाइगर के शव को कब्जे में लिया फिलहाल टाइगर की मौत की वजह का अभी कोई पता नही चल पाया है, मौके पर पहुँचे डीएफओ चम्पावत नवीन पंत व एसडीओ नेहा सौन ने बताया मौत आपसी संघर्ष में हुई है। उन्होंने कहा बंगाल टाइगर जो आज तक यहां नही देखे गए,आखिर कहां से आये और कितने है , इस बारे में जानकारी ली जा रही है।
बाघ की मौत का पता पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगा। अलबत्ता बंगाल टाइगर के DNA की जांच भारतीय वन्य जीव संस्था देहरादून भेजी जाएगी। जबकि बिसरा जांच के लिए IVRI बरेली भेजा जाएगा। वहीं बंगाल टाइगर के चंपावत के पर्वतीय पहुंचने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है मालूम हो कुछ माह पूर्व चंपावत जिले के बरदाखान में भी ग्रामीणों के द्वारा बंगाल टाइगर देखने की पुष्टी की थी बंगाल टाइगर का पहाड़ी क्षेत्र मे आना खतरे की घंटी है जिसने बन विभाग के कान खड़े कर दिए हैं मालूम हो 19 वी सदी में मशहूर शिकारी जिम कॉर्बेट ने चंपावत के गौड़ी में एक नरभक्षी बाघिन का शिकार किया था जिसने 350 लोगों को मौत के घाट उतारा था जिसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में आज भी दर्ज है
