रिपोर्ट:जगदीश जोशी : चम्पावत में आकाशीय बिजली के पीड़ित को तुरंत मिला मुआवजा
Laxman Singh Bisht
Tue, Jun 2, 2026
चम्पावत में आकाशीय बिजली के पीड़ित को तुरंत मिला मुआवजा

पीड़ितों के लिए मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता, गौशाला हादसे में जिला प्रशासन ने चंद घंटों में पहुंचाई राहत


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आकाशीय आपदा से प्रभावितो को तत्काल और पारदर्शी राहत' पहुंचाने के संकल्प को चम्पावत जिला प्रशासन ने पूरी तत्परता से धरातल पर उतारा है।विकासखंड चंपावत के अंतर्गत ग्राम गढ़कोट में आकाशीय बिजली गिरने से हुई एक दुखद घटना का संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने पीड़ित परिवार को बिना किसी विलंब के अनुमन्य मुआवजा राशि का चेक और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई है।ग्राम गढ़कोट में आकाशीय बिजली गिरने के कारण एक गौशाला पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी।इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी मनीष कुमार ने मामले का तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने प्रभावितों की मदद के लिए दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप, पीड़ित परिवार को बिना किसी कागजी देरी के हर संभव मदद और राहत पहुंचाने के आदेश जारी किए।जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में सोमवार को जिला प्रशासन की टीम ने बिना किसी देरी के पीड़ित परिवार के पास पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। शासन के तय मानकों के अनुसार, तहसीलदार बृजमोहन आर्या ने प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय दौरा कर पूरी स्थिति का जायजा लिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर तत्परता दिखाते हुए पीड़ित गृहस्वामी श्री डूंगर देव पुत्र श्री सीताराम को मौके पर ही 20 हजार रुपये की अनुमन्य आर्थिक सहायता का चेक सौंपकर त्वरित मुआवजा प्रदान किया।मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा की गई इस त्वरित कार्यवाही पर प्रभावित डूंगर सिंह ने माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं जिलाधिकारी मनीष कुमार का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आपदा के इस संकट में सरकार की इस त्वरित मदद ने उनके परिवार को बड़ा संबल दिया है।इस दैवीय आपदा में आर्थिक सहायता प्रदान करने के साथ-साथ पीड़ित परिवार को तात्कालिक राहत देने के लिए रेड क्रॉस समिति ने भी तत्परता से अपना सहयोग प्रदान किया। समिति द्वारा प्रभावित परिवार को रहने और सुरक्षा के लिहाज से त्रिपाल तथा कंबल जैसी आवश्यक राहत सामग्री मौके पर ही उपलब्ध कराई गई। इस पूरी कार्यवाही के दौरान राजस्व उप निरीक्षक, पशु चिकित्सा अधिकारी एवं रेड क्रॉस समिति के सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

