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अल्मोड़ा:दो माह से जिला चिकित्सालय में फिजिशियन नहीं, मरीज परेशान जनहित के मुद्दे पर राजनीतिक दलों की चुप्पी

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रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : अल्मोड़ा:दो माह से जिला चिकित्सालय में फिजिशियन नहीं, मरीज परेशान जनहित के मुद्दे पर राजनीतिक दलों की चुप्पी

Laxman Singh Bisht

Sat, Aug 22, 2026

दो माह से जिला चिकित्सालय में फिजिशियन नहीं, मरीज परेशान जनहित के मुद्दे पर राजनीतिक दलों की चुप्पी पर उठे सवाल

अल्मोड़ा,lपंडित हर गोविंद पंत जिला चिकित्सालय, अल्मोड़ा में पिछले लगभग दो माह से फिजिशियन चिकित्सक उपलब्ध न होने को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं आर.टी.आई. एक्टिविस्ट संजय कुमार पाण्डे ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस संबंध में माननीय राज्यपाल, मुख्य सचिव एवं महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को पत्र भेजकर जिला चिकित्सालय में रिक्त दोनों फिजिशियन पदों पर तत्काल चिकित्सकों की नियुक्ति किए जाने की मांग की है।

संजय कुमार पाण्डे ने कहा कि जिला मुख्यालय स्थित प्रमुख चिकित्सालय में लगभग दो माह से फिजिशियन का न होना अपने आप में कई गंभीर सवाल खड़े करता है। जिला चिकित्सालय में तैनात फिजिशियन डॉ. हरीश आर्य के स्थानांतरण के बाद अभी तक उनके स्थान पर किसी नए फिजिशियन की नियुक्ति नहीं की गई है। इसका सीधा असर मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था पर पड़ रहा है।

*जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी से भी कर चुके हैं मुलाकात*

संजय पाण्डे ने बताया कि इस गंभीर जनहित के मुद्दे को लेकर उन्होंने पिछले दिनों जिलाधिकारी, अल्मोड़ा तथा मुख्य चिकित्साधिकारी, अल्मोड़ा से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर जिला चिकित्सालय में फिजिशियन की कमी और इससे मरीजों को हो रही परेशानियों के संबंध में विस्तृत चर्चा की थी। उन्होंने अधिकारियों के समक्ष तत्काल फिजिशियन की व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता भी रखी थी।उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान अभी तक नहीं हो पाया है। इसी कारण अब उन्होंने शासन स्तर पर मामला उठाते हुए माननीय राज्यपाल एवं संबंधित उच्चाधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।फिजिशियन के अभाव में गंभीर एवं जटिल रोगों से पीड़ित मरीजों, बुजुर्गों तथा दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श के लिए अन्य अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ रही है। ऑपरेशन संबंधी कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं, जिसके कारण मरीजों को लगभग 6 किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में भी वर्तमान में मात्र एक फिजिशियन प्रो. अशोक कुमार के कार्यरत होने के कारण मरीजों का दबाव और अधिक बढ़ रहा है। ऐसे में जिला चिकित्सालय में फिजिशियन की व्यवस्था न होना स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।

*राजनीतिक दलों की चुप्पी पर भी सवाल*

संजय पाण्डे ने कहा कि अल्मोड़ा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा यह बड़ा जनहित का मुद्दा होने के बावजूद राजनीतिक दलों ने अभी तक चुप्पी साध रखी है। उन्होंने कहा कि जब चौखुटिया प्रकरण सामने आया था, तब विपक्षी राजनीतिक दलों ने मुखर होकर आवाज उठाई थी, लेकिन जिला मुख्यालय के प्रमुख चिकित्सालय में लगभग दो माह से फिजिशियन न होने जैसे गंभीर मामले पर राजनीतिक दलों की खामोशी समझ से परे है।उन्होंने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि जब जिला मुख्यालय के अस्पताल में ही आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं, तो पर्वतीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर शासन और राजनीतिक नेतृत्व की प्राथमिकता क्या है?संजय पाण्डे ने कहा कि यह किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ आरोप लगाने का विषय नहीं, बल्कि हजारों मरीजों और उनके परिजनों के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर जनहित का मामला है। जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध कराना शासन एवं स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।उन्होंने शासन से मांग की है कि रिक्त दोनों फिजिशियन पदों पर तत्काल स्थायी नियुक्ति की जाए तथा नियमित नियुक्ति होने तक वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से फिजिशियन की तत्काल तैनाती की जाए। साथ ही ऑपरेशन एवं अन्य प्रभावित चिकित्सा सेवाओं को भी तत्काल सुचारु किया जाए।इस मामले मैं मुख्यमंत्री हेल्प लाइन मैं भी शिकायत दर्ज कराई गई है।उन्होंने कहा कि यदि इस गंभीर जनहित के मुद्दे पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो स्थानीय जनता को साथ लेकर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।

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