Saturday 28th of March 2026

ब्रेकिंग

टनकपुर विकास चाहिए विनाश नहीं टनकपुर–बनबसा फोरलेन में हो बदलाव: दीप पाठक

इधर प्रधानमंत्री मोदी से मिले सीएम धामी, उधर उत्तराखंड की झोली में एक झटके से आए 5160 करोड़,

चंपावत:गोल्जू कॉरिडोर’ को सीएम धामी की ₹117.22 करोड़ की ऐतिहासिक मंजूरी

उधम सिंह नगर:पुलिस ने पीड़ित को ढूंढकर वापस लौटाया कीमती सामान से भरा खोया पर्स व सामान

चंपावत:सच दिखाना पड़ा भारी!” गैस संकट की खबर पर भाजपा नेता की तहरीर पर पत्रकार पर मुकदमा,

रिपोर्ट: साहबराम : New Expressway: हरियाणा से UP तक बनेगा 750 KM लंबा ये नया एक्सप्रेसवे, लोगों को मिलेगा बड़ा फायदा 

Editor

Fri, Sep 5, 2025

New Expressway: देश की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार लगातार सक्रिय मोड में है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से हरियाणा के पानीपत तक 750 किलोमीटर का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। एक्सप्रेसवे से 22 जिलों की सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

NHAI ने दिल्ली की एक आईसीटी फर्म को कंसल्टेंट के तौर पर चुना है। यह फर्म न सिर्फ प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार करेगी, बल्कि जमीन का सीमांकन भी करेगी। एक्सप्रेसवे गोरखपुर से शुरू होकर हरियाणा के औद्योगिक जिले पानीपत तक पहुंचेगा। एक्सप्रेसवे की मरम्मत हो जाने के बाद यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। गोरखपुर से हरिद्वार 8 घंटे में पहुंचा जा सकेगा। 

गोरखपुर से शामली होते हुए हरियाणा के पानीपत तक करीब 750 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे 22 जिलों को जोड़ेगा। यह हाईवे गोरखपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच, लखनऊ, सीतापुर, शाहजहांपुर, हरदोई, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, बरेली, संभल, बिजनौर, अमरोहा, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली तक पहुंचेगा। पहले यह गोरखपुर और शामली तक सीमित था, लेकिन अब यह हरियाणा के औद्योगिक शहर पानीपत तक फैल गया है।

बढ़ेंगे कारोबारी अवसर

कपड़ा उद्योग के लिए मशहूर पानीपत इस एक्सप्रेसवे के जरिए उत्तर प्रदेश के कई पिछड़े जिलों से सीधे जुड़ जाएगा। इससे जिलों में कारोबार और नए अवसर पैदा होंगे। यात्रियों को गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे का सीधा लाभ मिलेगा।

3 साल में पूरा होगा काम

NHAI के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि परियोजना कई चरणों में पूरी होगी। दिल्ली की आईटीएफ फर्म न सिर्फ खर्च का आकलन करेगी, बल्कि निर्माण के लिए ठेकेदारों का चयन भी करेगी। डीपीआर के बाद निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। चयनित फर्मों को गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे का निर्माण तीन साल में पूरा करना होगा।

जरूरी खबरें