Thursday 11th of June 2026

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देहरादून:नीट (यूजी) पुनः परीक्षा में सम्मिलत अभ्यर्थियों को परिवहन निगम की बसों में मिलेगी निःशुल्क यात्रा

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कुमाऊँ का डिजिटल बाज़ार: अब नौकरी, सेवाएँ, खरीद-बिक्री और मैट्रिमोनियल सब कुछ एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर

उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं की बढ़ती जरूरत को देखते हुए KumaonBazaar.com तेजी से लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। यह एक ऐसा लोकल डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है जहाँ नौकरी, बिज़नेस प्रमोशन, लोकल सेवाएँ, खरीद-बिक्री, पर्यटन और मैट्रिमोनियल जैसी कई सुविधाएँ एक ही जगह उपलब्ध हैं। Website: https://www.kumaonbazaar.com

आज के समय में लोग लोकल स्तर पर भरोसेमंद सेवाएँ और अवसर ढूँढना चाहते हैं। इसी जरूरत को समझते हुए KumaonBazaar.com ने कुमाऊँ के लोगों के लिए एक आसान और उपयोगी ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म तैयार किया है।

युवाओं के लिए रोजगार का नया माध्यम

कुमाऊँ क्षेत्र के युवाओं को अक्सर नौकरी खोजने के लिए बड़े शहरों या कई अलग-अलग वेबसाइट्स पर निर्भर रहना पड़ता है। अब यह समस्या काफी हद तक कम हो सकती है क्योंकि KumaonBazaar Jobs Section पर लोकल और विभिन्न क्षेत्रों की जॉब्स उपलब्ध कराई जा रही हैं। Jobs Link: https://www.kumaonbazaar.com/jobs

यहाँ कंपनियाँ और बिज़नेस अपने जॉब पोस्ट कर सकते हैं, जबकि नौकरी तलाश रहे उम्मीदवार आसानी से आवेदन कर सकते हैं। इससे लोकल टैलेंट को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।

मैट्रिमोनियल सेवा से आसान रिश्ते

आजकल लोग सुरक्षित और भरोसेमंद मैट्रिमोनियल प्लेटफ़ॉर्म की तलाश में रहते हैं। KumaonBazaar Matrimony कुमाऊँ समाज के लोगों के लिए एक विशेष सुविधा लेकर आया है जहाँ परिवार अपनी प्रोफाइल बनाकर रिश्तों की तलाश कर सकते हैं। Matrimony Link: https://www.kumaonbazaar.com/matrimony

यह सेवा खासतौर पर उन परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है जो अपने समाज और क्षेत्र में अच्छे रिश्ते ढूँढना चाहते हैं।

लोकल सेवाओं और बिज़नेस को मिलेगा डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म कुमाऊँ के छोटे व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं के लिए KumaonBazaar Services एक बेहतरीन अवसर बनकर उभर रहा है। Services Link: https://www.kumaonbazaar.com/services

यहाँ इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, टूर सर्विस, एजेंसी, फ्रीलांसर, दुकानदार और अन्य सेवा प्रदाता अपनी सेवाओं को ऑनलाइन प्रमोट कर सकते हैं। इससे लोकल बिज़नेस को डिजिटल पहचान मिलने के साथ-साथ ग्राहकों तक पहुँचने में आसानी होगी। खरीद-बिक्री और लोकल विज्ञापन की सुविधा प्लेटफ़ॉर्म पर Buy & Sell सेक्शन भी उपलब्ध है जहाँ लोग अपने प्रोडक्ट्स या सामान को ऑनलाइन पोस्ट कर सकते हैं। इसके अलावा बिज़नेस प्रमोशन और लोकल विज्ञापनों के लिए भी सुविधा दी जा रही है, जिससे छोटे व्यवसाय कम लागत में अपनी पहुँच बढ़ा सकते हैं। पर्यटन और लोकल जानकारी का भी केंद्र कुमाऊँ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। KumaonBazaar.com पर पर्यटन से जुड़ी जानकारी, होटल, ट्रैवल सेवाएँ और लोकल बिज़नेस की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों को लाभ मिल सकता है। डिजिटल उत्तराखंड की ओर एक कदम डिजिटल इंडिया के दौर में लोकल प्लेटफ़ॉर्म की भूमिका लगातार बढ़ रही है। KumaonBazaar.com कुमाऊँ क्षेत्र के लोगों, युवाओं और व्यापारियों को डिजिटल रूप से जोड़ने का काम कर रहा है। यह प्लेटफ़ॉर्म आने वाले समय में रोजगार, व्यापार और लोकल नेटवर्किंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत: हिल से दिल तक कुमाऊं कार रैली का शुभारंभ सेना की धरती से गूंजा सामंत का स्वर

Laxman Singh Bisht

Mon, Sep 15, 2025

..हिल से दिल तक कुमाऊं कार रैली का शुभारंभ सेना की धरती से गूंजा सामंत का स्वर चम्पावत, 15 सितम्बर का दिन इतिहास में दर्ज हो गया, जब आर्मी की भव्य एवं सार्थक पहल “हिल से दिल तक – कुमाऊँ कार रैली 2025”, जो कि कुमाऊँ की पहली कार रैली है, के मंच से कुमाऊँ के सुपुत्र एवं सुप्रसिद्ध लोकगायक बी.के. सामंत जी का बहुप्रतीक्षित गीत “कश्मीर बॉर्डर” लॉन्च हुआ।यह गीत चम्पावत के वीर सपूत, शहीद बलिदानी सैनिक शिरोमणि चिलकोटी की वास्तविक कहानी पर आधारित है। इसे सामंत ने स्वयं लिखा, संगीतबद्ध किया और अपनी आवाज़ में गाया है। यह केवल एक गीत का विमोचन नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति समर्पण, सीमाओं पर डटे वीर सैनिकों की वीरता और उत्तराखंड की आत्मा का गौरवपूर्ण उत्सव है।“हिल से दिल तक – कुमाऊँ कार रैली 2025” बनबसा, टनकपुर, चम्पावत और पिथौरागढ़ से होती हुई आदि कैलाश और ओम पर्वत की पावन धरा तक जाएगी। यह केवल सीमांत क्षेत्रों की संस्कृति और पर्यटन को ही नहीं, बल्कि सीमा पर डटे वीर जवानों के अदम्य साहस को भी दुनिया तक पहुँचाने का माध्यम बनेगी।

कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि : लेफ्टिनेंट जनरल डी. जी. मिश्रा, एवीएसएम, जीओसी उत्तर भारत एरिया

गेस्ट ऑफ ऑनर : ब्रिगेडियर विनोद सिंह रौतेला, ब्रिग क्यू उत्तर भारत एरिया, विशिष्ट अतिथि : ब्रिगेडियर गौतम पठानिया, कमांडर 119 इन्फैंट्री ब्रिगेड अतिथि : कर्नल रोहित एवं कर्नल भूपेश इन्फ्लुएंसर्स विक्रम अधिकारी, दीपा मटेला,भुवन काण्डपाल सूचना विभाग नई दिल्ली सहित आर्मी अधिकारी एवं जवान मौजूद रहे।

(शौर्यगाथा और भावनाएँ)

कार्यक्रम में बताया गया कि शहीद शिरोमणि चिलकोटी ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उस समय उनके बड़े पुत्र नारायण दत्त चिलकोटी मात्र एक वर्ष के थे और छोटे पुत्र जनार्दन चिलकोटी माँ की कोख में छह माह के थे। बताते चलें कि उनकी धर्मपत्नी वीरांगना मंदोदरी देवी का निधन लगभग दो वर्ष पूर्व हो चुका है।इस अवसर पर जनार्दन चिलकोटी ने भावुक होकर कहा – “यदि माँ आज जीवित होतीं और इस गीत को सुन पातीं, तो निश्चय ही स्वयं को गौरवान्वित महसूस करतीं।”

(परिवार और समाज का आभार)

शहीद शिरोमणि चिलकोटी के पुत्रों ने गायक बी.के. सामंत जी, लेफ्टिनेंट जनरल डी. जी. मिश्रा सहित सभी सैन्य अधिकारियों और जवानों का हृदय से आभार व्यक्त किया। शहीद की पुत्रवधू एवं समाजसेविका जया चिलकोटी, तथा छतार वार्ड की सभासद प्रेमा चिलकोटी ने भी इस अवसर पर बी.के. सामंत और सेना अधिकारियों के प्रति कृतज्ञता जताई।

समारोह की गरिमा को बढ़ाने हेतु ब्रिगेडियर विनोद सिंह रौतेला तथा ब्रिगेडियर गौतम पठानिया की विशेष उपस्थिति रही।

समारोह में उपस्थित गणमान्य लोगों ने कहा कि “कश्मीर बॉर्डर” गीत शहीदों की स्मृति को अमर बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण कड़ी सिद्ध होगा। यह गीत आने वाली पीढ़ियों तक वीरता और बलिदान का संदेश पहुँचाएगा तथा सीमांत क्षेत्रों के युवाओं में गर्व और देशभक्ति की भावना का संचार करेगा।

कार्यक्रम के लिए ब्रिगेडियर विनोद सिंह रौतेला को विशेष धन्यवाद दिया गया जिनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से यह गीत साकार रूप ले पाया। आज उत्तराखंड का संगीत, सेना का पराक्रम और संस्कृति की महक मिलकर एक नया इतिहास रच रहे हैं।

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