Wednesday 25th of March 2026

ब्रेकिंग

लोहाघाट : कोली झील मे फिल्म अर्जियां: द जस्टिस ऑफ गोलजू’ की शूटिंग पालिकाध्यक्ष ने दिया क्लैप।

ऋषिकेश:एम्स की छठी मंजिल पर चड़े मरीज ने कूदने की कोशिश किसी तरह बचाई गई जान। मचा हड़कंप

लोहाघाट:02 अप्रैल को लोहाघाट में रोजगार मेला 2 हजार पदों पर होगी सीधी भर्ती युवाओं के लिए सुनहरा अवसर

चंपावत:घरेलू गैस सिलेंडर ₹950 में ही उपलब्ध, ओवररेटिंग की खबरें भ्रामक: जिला पूर्ति अधिकारी

चंपावत:खेती छतार सड़क में घटिया डामरीकरण के लगे आरोप ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन। काम रोकने की दी चेतावनी

रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : दिल्ली:सिस्टम की लापरवाही दिल्ली की सड़क में बने गड्ढे ने उत्तराखंड के युवा की ली जान

Laxman Singh Bisht

Fri, Feb 6, 2026

सिस्टम की लापरवाही दिल्ली की सड़क में बने गड्ढे ने उत्तराखंड के युवा की ली जान

बिना किसी चेतावनी बोर्ड के खुला छोड़ दिया गया था 20 फुट खुला गड्ढा।

मौत के बाद जागा दिल्ली प्रशासन तीन इंजीनियरिंग निलंबितपौड़ी उत्तराखंड पौड़ी निवासी 25 वर्षीय कमल ध्यानी की जान दिल्ली के जनकपुरी स्थित जोगिंदर सिंह मार्ग पर चली गई। जिसकी वजह दिल्ली जल बोर्ड द्वारा पाइपलाइन कार्य के लिए खोदा गया करीब 20 फीट गहरा गड्ढा जिसे बिना किसी सुरक्षा इंतज़ाम और चेतावनी के खुला छोड़ दिया गया था। रात के अंधेरे में बाइक सवार कमल इस गड्ढे में गिर गया और उसकी मौत हो गई।कमल हाल ही में पढ़ाई पूरी कर एक प्राइवेट बैंक में नौकरी कर परिवार के को संभाल रहा था। वह घर की उम्मीद था। जिस बाइक पर वह सवार था, वही बाइक उसने तीन साल पूर्व अपने जन्मदिन पर खरीदी थी और वही बाइक शुक्रवार सुबह उसके साथ उसी गड्ढे से बाहर निकाली गई।कमल का जुड़वा भाई करण कमल की मौत से काफी सदमे में है परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। कमल का परिवार वर्षों से दिल्ली में रह रहा था लेकिन उनकी पहचान उत्तराखंड से जुड़ी थी। सिस्टम की लापरवाही की भेंट एक युवा चढ़ गया।घटना के बाद दिल्ली सरकार ने कार्यवाही करते हुए तीन इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है और उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।लेकिन सवाल अब भी जिंदा है।क्या सिस्टम को हर बार किसी की मौत के बाद ही नींद से जागना होगा?क्या इंसानी जान की कीमत कुछ निलंबनों तक ही सिमट कर रह जाएगी?कमल अब कभी वापस नहीं आएगा।लेकिन उसकी मौत एक कड़ी चेतावनी है हर शहर के लिए, हर विभाग के लिए, और उस सिस्टम के लिए जो अक्सर हादसों को संयोग मानकर आगे बढ़ जाता है और बेकसूर लोगों की मौत के बाद जगाता है।

जरूरी खबरें