: बाराकोट: 104 वर्षीय जीवंती आमा का निधन
Laxman Singh Bisht
Thu, Jul 18, 2024104 वर्षीय जीवंती आमा का निधन
बाराकोट ब्लाक की जीवंती जोशी(जीवंती आमा) पत्नी स्वर्गीय बेनीराम जोशी, निवासी ग्रामसभा खोलसुनार का 104 वर्ष की उम्र में आज 18 जुलाई 2024 को निधन हो गया है। जीवंती जोशी 104 वर्ष तक पूर्ण रूप से स्वस्थ थी, विगत दिनो अपने पूर्व सैनिक पुत्र सतीश जोशी के निधन के बाद वह अत्यंत दुःखी थी, एक माह तक पुत्र शोक में रहने के बाद आज जीवंती आमा ने सांय 8:20 पर अंतिम सांस ली। जीवंती जोशी का जन्म 1920 में हुआ था, वह स्वाधीनता की लड़ाई में अंग्रेजों के साथ स्थानीय लोगों के संघर्ष की गवाह थी। गुलामी के समय ग्रामीण जीवन की तमाम मुश्किले एवं आजादी के संघर्ष की कहानी वह युवा पीढ़ी को सुनाया करती थी। उन्हें हमारी पौराणिक संस्कृति एवं सांस्कृतिक विरासतों की अच्छी जानकारी थी, उनका निधन क्षेत्र के लिए एक अपूर्णीय क्षति है। जीवंती जोशी का अंतिम संस्कार 19 जुलाई 2024 को प्रातः रामेश्वर घाट पर किया जाएगा। वही लड़ीधूरा शैक्षिक एवं सांस्कृतिक मंच अध्यक्ष नागेंद्र जोशी व सदस्यों ने जीवंती आमा के आकस्मिक निधन पर गहरी शोक संवेदना प्रकट करते हुए मां भगवती से प्रार्थना करता है कि वह पवित्र आत्मा को शांति एवं परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
बाराकोट ब्लाक की जीवंती जोशी(जीवंती आमा) पत्नी स्वर्गीय बेनीराम जोशी, निवासी ग्रामसभा खोलसुनार का 104 वर्ष की उम्र में आज 18 जुलाई 2024 को निधन हो गया है। जीवंती जोशी 104 वर्ष तक पूर्ण रूप से स्वस्थ थी, विगत दिनो अपने पूर्व सैनिक पुत्र सतीश जोशी के निधन के बाद वह अत्यंत दुःखी थी, एक माह तक पुत्र शोक में रहने के बाद आज जीवंती आमा ने सांय 8:20 पर अंतिम सांस ली। जीवंती जोशी का जन्म 1920 में हुआ था, वह स्वाधीनता की लड़ाई में अंग्रेजों के साथ स्थानीय लोगों के संघर्ष की गवाह थी। गुलामी के समय ग्रामीण जीवन की तमाम मुश्किले एवं आजादी के संघर्ष की कहानी वह युवा पीढ़ी को सुनाया करती थी। उन्हें हमारी पौराणिक संस्कृति एवं सांस्कृतिक विरासतों की अच्छी जानकारी थी, उनका निधन क्षेत्र के लिए एक अपूर्णीय क्षति है। जीवंती जोशी का अंतिम संस्कार 19 जुलाई 2024 को प्रातः रामेश्वर घाट पर किया जाएगा। वही लड़ीधूरा शैक्षिक एवं सांस्कृतिक मंच अध्यक्ष नागेंद्र जोशी व सदस्यों ने जीवंती आमा के आकस्मिक निधन पर गहरी शोक संवेदना प्रकट करते हुए मां भगवती से प्रार्थना करता है कि वह पवित्र आत्मा को शांति एवं परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।