रिपोर्ट :लक्ष्मण बिष्ट : बाराकोट:लड़ीधूरा मंदिर में मूर्ति स्थापना के लिए अलकनंदा एवं भागीरथी के संगम से पवित्र जल लाने के लिए मयंक ओली की यात
Laxman Singh Bisht
Thu, Jan 29, 2026
लड़ीधूरा मंदिर में मूर्ति स्थापना के लिए अलकनंदा एवं भागीरथी के संगम से पवित्र जल लाने के लिए मयंक ओली की यात्रा प्रारंभ
चंपावत जिले के बाराकोट के प्रसिद्ध लड़ीधूरा मंदिर में मूर्ति स्थापना के लिए देवप्रयाग से अलकनंदा एवं भागीरथी के संगम का पवित्र जल लाने के लिए लोहाघाट के ग्राम सभा सुंई निवासी पूर्व सैनिक मयंक ओली ने आज गुरुवार को लड़ीधूरा से अपनी यात्रा प्रारंभ की। लड़ीधूरा शैक्षिक एवं सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष नगेंद्र जोशी ने बताया कि 2021 से जन सहयोग से बन रहे लड़ीधूरा मंदिर में 01 फरवरी 2026 को पवित्र माघ पूर्णिमा को मां भगवती को उनके मूल स्थान पर स्थापित किया जाना है। ग्राम सभा सुईं निवासी मयंक ओली मूर्तियां को स्नान करने के लिए अलकनंदा एवं भागीरथी के संगम से पवित्र जल लड़ीधूरा मंदिर में लेकर आएंगे, जिसके लिए उन्होंने आज अपने एक साथी उमेश चतुर्वेदी के साथ यात्रा प्रारंभ की है वह 31 जनवरी 2026 को देवप्रयाग से जल भरकर पुनः लड़ीधूरा लिए यात्रा प्रारंभ करेंगे। 01 फरवरी को वह जल लेकर सीधे लड़ीधूरा मंदिर पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि मयंक इस उपलक्ष में चार धाम की पवित्र माटी एवं पंच प्रयाग का जल लाना चाहते थे परंतु वर्तमान में चार धाम के कपाट बंद होने के कारण ऐसा करना संभव नहीं हो पा रहा है। मयंक ओली भारतीय सेना में मैकेनाइज इन्फेंट्री से सेवानिवृत होकर वर्तमान में ओली फिजिकल अकैडमी संचालित कर क्षेत्रीय युवाओं को सेना में भर्ती होने का निशुल्क प्रशिक्षण देते हैं। नगेंद्र जोशी ने कहा कि क्षेत्रीय परंपराओं एवं हमारी संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति मयंक ओली का समर्पण समस्त क्षेत्र के लिए प्रेरणा का विषय है। मयंक ओली ने कहा कि वह आज जो कुछ भी कर पा रहे हैं वह सब मां भगवती की अपार कृपा से ही संभव हो पाया है। नागेंद्र जोशी ने मयंक ओली की इस पवित्र यात्रा की सफलता की कामना की है।